शहर

दिल्ली में ऑफिस टाइमिंग में बदलाव, हफ्ते में 2 दिन Work From Home लागू; और क्या-क्या आए निर्देश

दिल्ली सरकार के दफ्तरों में सप्ताह में दो दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ लागू किया जाएगा। वहीं निजी कंपनियों और संस्थानों को भी सप्ताह में दो दिन कर्मचारियों को घर से काम करने की सलाह दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि निजी संस्थानों के लिए यह व्यवस्था एडवाइजरी के तौर पर होगी, जबकि श्रम विभाग इसके पालन की निगरानी करेगा।

Image

सीएम रेखा गुप्ता

पीएम नरेंद्र मोदी की देशवासियों से ईंधन, आयात और विदेशी मुद्रा पर दबाव कम करने की अपील के बाद दिल्ली सरकार ने बड़ा और व्यापक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक के बाद राजधानी में “मेरा भारत, मेरा योगदान” नाम से 90 दिनों का जन-अभियान शुरू करने का ऐलान किया गया है। इस अभियान का मकसद दिल्ली को एक “Practical City Model” बनाना है, जहां ईंधन की बचत, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा, Work From Home, ऑनलाइन मीटिंग्स और Made in India को प्राथमिकता दी जाएगी। दिल्ली सरकार ने साफ किया है कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच हर नागरिक को अपनी जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव करने होंगे ताकि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके।

इसी को ध्यान में रखते हुए कई बड़े प्रशासनिक और जनहित फैसले लिए गए हैं। सबसे बड़ा फैसला ऑफिस टाइमिंग को लेकर लिया गया है। नई व्यवस्था के तहत MCD दफ्तर सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक खुलेंगे, जबकि दिल्ली सरकार के दफ्तरों का समय सुबह 10:30 बजे से शाम 7 बजे तक रहेगा। वहीं केंद्र सरकार के कार्यालयों का समय सुबह 9 बजे से शाम 5:30 बजे तक तय किया गया है। इसका उद्देश्य ट्रैफिक और पीक ऑवर के दबाव को कम करना है।

सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए सप्ताह में 2 दिन Work From Home लागू करने का फैसला लिया है। साथ ही प्राइवेट सेक्टर को भी सलाह दी गई है कि जहां संभव हो, कर्मचारियों को सप्ताह में 2 दिन घर से काम करने की सुविधा दी जाए। इस व्यवस्था की निगरानी लेबर विभाग करेगा। दिल्ली सचिवालय और सभी निदेशालयों में कम से कम 50 प्रतिशत मीटिंग्स वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करने का लक्ष्य रखा गया है।

दिल्ली सरकार के बड़े फैसले.

दिल्ली सरकार के बड़े फैसले.

अदालतों से भी ऑनलाइन सुनवाई का अनुरोध

कॉलेजों से भी अपील की गई है कि non-practical classes, guest lectures और administrative meetings को अधिक से अधिक ऑनलाइन मोड में आयोजित किया जाए। अदालतों से भी ऑनलाइन सुनवाई को बढ़ावा देने का अनुरोध किया जाएगा। धन बचाने के लिए सरकार ने कई सख्त कदम उठाए हैं।

सरकारी वाहनों के पेट्रोल इस्तेमाल में 20 प्रतिशत कटौती की जाएगी। ट्रांसपोर्ट विभाग के 10 प्रतिशत वरिष्ठ अधिकारी सप्ताह में कम से कम दो दिन DTC या पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करेंगे। इसके अलावा दिल्ली सरकार अगले 6 महीनों तक नई पेट्रोल, डीजल, CNG और Hybrid गाड़ियों की खरीद नहीं करेगी।

No Vehicle Day

दिल्ली में “Metro Monday” अभियान भी शुरू किया जाएगा। इसके तहत हर सोमवार मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों को जहां संभव हो, मेट्रो से ऑफिस आने-जाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार ने सप्ताह में एक दिन “No Vehicle Day” मनाने की भी अपील की है ताकि लोग निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करें।

माल ढुलाई को लेकर भी नई रणनीति बनाई गई है। सरकार चाहती है कि ट्रकों की जगह अधिक सामान ट्रेन के जरिए भेजा जाए ताकि डीजल की खपत कम हो और प्रदूषण भी घटे। इसके अलावा 29 सरकारी कॉलोनियों से 58 बसों की फीडर सेवा मेट्रो स्टेशनों तक शुरू करने की योजना बनाई गई है ताकि लोग आसानी से सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल कर सकें।

विदेशी यात्राओं पर भी रोक लगाने का फैसला लिया गया है। अगले एक साल तक दिल्ली सरकार के मंत्री और अधिकारी किसी आधिकारिक विदेशी दौरे पर नहीं जाएंगे। सरकारी पब्लिक सेक्टर और विश्वविद्यालयों के लिए भी यही नियम लागू होगा। इसके बदले घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली कैंपेन के तहत देशभर के लोगों को राजधानी आने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

सरकार ने Made in India को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया है। मॉल, सुपरमार्केट और बड़े बाजारों में Made in India कॉर्नर बनाने की अपील की गई है। लोगों से भारतीय उत्पाद खरीदने और verified Indian electronics को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।

सरकारी खरीद में भी भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता दी जाएगी। 90 दिनों तक चलने वाले इस अभियान में नागरिकों से भी कई संकल्प लेने को कहा गया है। इनमें ईंधन बचाना, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल बढ़ाना, गैरजरूरी वाहन उपयोग कम करना, विदेशी यात्रा और non-essential gold खरीद से बचना, खाने के तेल की बर्बादी कम करना और Made in India उत्पादों को प्राथमिकता देना शामिल है।

कार-पूलिंग, कार-शेयरिंग और last mile connectivity को भी बढ़ावा दिया जाएगा। बिजली बचत के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सरकारी दफ्तरों में AC का तापमान 24 से 26 डिग्री के बीच रखा जाएगा। दफ्तरों में motion sensor lights लगाने और ऊर्जा बचत के उपायों को अनिवार्य किया जाएगा। दिल्ली सरकार का मानना है कि अगर सरकार और जनता मिलकर छोटे-छोटे बदलाव अपनाएं तो इससे न सिर्फ ईंधन और विदेशी मुद्रा की बचत होगी, बल्कि दिल्ली देश के सामने एक नए “स्मार्ट और जिम्मेदार शहर” का मॉडल भी पेश कर सकेगी।

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Cities News in Hindi) अपडेट और ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।

bhawana gupta
भावना किशोर author

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मूल की भावना ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIMC से 2014 में पत्रकारिता की पढ़ाई की. 12 सालों से मीडिया में काम कर रही हैं. न्यू... और देखें

End of Article