Hockey World Cup 2026: भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा है कि उनकी टीम FIH हॉकी विश्व कप का खिताब जीतकर देश के 51 साल के इंतजार को खत्म करने के लिए पूरी तरह तैयार है। JioStar से बात करते हुए हरमनप्रीत ने कहा कि यह टूर्नामेंट टीम के लिए एक बड़ा मौका है, खासकर इसलिए क्योंकि टीम में कई सीनियर खिलाड़ी मौजूद हैं।" हम सबके लिए वर्ल्ड कप बहुत मायने रखता है क्योंकि इसके बाद क्या होगा कोई नहीं जानता। टीम में कई सीनियर खिलाड़ी भी हैं, तो हमारे लिए यह एक शानदार मौका है।
दो ओलंपिक में जीता कांस्य
टोक्यो और पेरिस ओलंपिक में लगातार दो कांस्य पदक जीतने के बाद भारतीय टीम का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है। इसके अलावा टीम ने एशिया कप और दो बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब भी जीता है। हरमनप्रीत का मानना है कि इसी लय को बरकरार रखकर वे विश्व कप में भी इतिहास रच सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें यकीन है कि हम यह कर सकते हैं। और हमारा एकमात्र मकसद अपना बेस्ट देना और पदक जीतना है। टोक्यो और पेरिस में लगातार पदक जीतना हमारे लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है।
इस बार भारत को पूल-D में इंग्लैंड, वेल्स और पाकिस्तान जैसी टीमों से भिड़ना है। हरमनप्रीत ने अंडरडॉग टैग को गले लगाते हुए कहा कि यह भारत के लिए खुद को साबित करने का सबसे सही समय है। हम अंडरडॉग के तौर पर आए हैं। हमें लगता है कि यही सही स्थिति है ताकि हम दुनिया को दिखा सकें कि भारत क्या कर सकता है। हमारी उम्मीद है कि हम ट्रॉफी लेकर घर लौटें।
सकारात्मक सोच बढ़ाएगी आगे
हरमनप्रीत ने माना कि सफर आसान नहीं होगा, लेकिन टीम की एकजुटता और सकारात्मक सोच उन्हें आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा, "सफर मुश्किल होगा, लेकिन हम तैयार हैं। टीम एक-दूसरे पर भरोसा करती है। कौन गोल करता है या कौन डिफेंड करता है, इससे फर्क नहीं पड़ता। हमें टीम के तौर पर जीतना है और हम पूरी ताकत से खेलेंगे।" कप्तान के अनुसार, इस विश्व कप में भारत की सबसे बड़ी ताकत उसका डिफेंस होगा। उन्होंने बताया कि टीम ने टूर्नामेंट से पहले फुल प्रेस, हाफ-कोर्ट प्रेस और लो प्रेस जैसी अलग-अलग रणनीतियों पर काफी काम किया है।
