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Delhi: दिल्ली में इलाज और पानी दोनों पर सवाल, पीने लायक नहीं 55% ग्राउंड वाटर; रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे

दिल्ली में PAC और CAG रिपोर्टों ने स्वास्थ्य सेवाओं और पानी की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अस्पतालों में स्टाफ की कमी से इलाज प्रभावित है। 55% भूजल पीने लायक नहीं पाया गया। रिपोर्ट में सरकार से तुरंत सुधार की मांग की गई।

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सांकेतिक फोटो (istock)

Photo : iStock

Delhi News: दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं और पानी की गुणवत्ता को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। पब्लिक अकाउंट समिति (PAC) और भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (Comptroller and Auditor General of India (CAG) की हालिया रिपोर्टों ने सिस्टम की कई खामियों को उजागर किया है, जिससे आम लोगों की सेहत पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।

अस्पतालों में 21% स्टाफ की कमी

PAC की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी अस्पतालों में करीब 21% स्टाफ की कमी है। डॉक्टरों पर इतना दबाव है कि लोकनायक हॉस्पिटल में एक डॉक्टर रोजाना औसतन 87 मरीज देख रहा है, जिससे हर मरीज को पांच मिनट से भी कम समय मिल पाता है। इससे इलाज की गुणवत्ता पर असर पड़ने की आशंका है।

सर्जरी के लिए मरीजों को करना पड़ रहा महीनों तक इंतजार

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि बड़े अस्पतालों में सर्जरी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कई मामलों में मरीजों को 2 से 3 महीने तक और बर्न व प्लास्टिक सर्जरी के लिए 8 महीने तक इंतजार करना पड़ता है। वहीं राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और जनकपुरी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में कई ऑपरेशन थिएटर स्टाफ की कमी के कारण बंद पड़े हैं।

55% भूजल पीने लायक नहीं पाया गया

दूसरी ओर, CAG की रिपोर्ट ने दिल्ली के पानी की स्थिति को और भी चिंताजनक बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, 2017 से 2022 के बीच जांचे गए 55% भूजल के नमूने पीने के योग्य नहीं पाए गए। दिल्ली जल बोर्ड द्वारा कई जगह बिना ट्रीटमेंट के पानी सप्लाई किया जा रहा है, जो लोगों की सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है।

रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि पानी की जांच निर्धारित मानकों के अनुसार नहीं हो रही है। जहां 43 पैरामीटर पर टेस्ट होना चाहिए, वहां केवल 12 पर ही जांच की जा रही है। इसके अलावा भारी धातुओं और खतरनाक तत्वों की जांच तक नहीं की जा रही, जिससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

पानी की बर्बादी और चोरी की घटनाएं

स्थिति को और गंभीर बनाते हुए, दिल्ली में पानी की भारी बर्बादी और चोरी भी सामने आई है। नॉन-रेवेन्यू वॉटर (NRW) 51 से 53% तक पहुंच गया है, जिससे हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। PAC और CAG दोनों ने सरकार से तत्काल कदम उठाने की सिफारिश की है चाहे वह अस्पतालों में स्टाफ की भर्ती हो या पानी की गुणवत्ता सुधारने के लिए सख्त निगरानी।

bhawana gupta
भावना किशोरauthor

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मूल की भावना ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIMC से 2014 में पत्रकारिता की पढ़ाई की. 12 सालों से मीडिया में काम कर रही हैं. न्यूज़ नेशन, इंडिया न्यूज़, टीवी 9 भारतवर्ष और ज़ी न्यूज़, न्यूज 18 में काम करने का अनुभव. अभी Times Now में Special correspondent हैं.दिल्ली सरकार, स्वास्थ्य ,रेल, कल्चरल, शिक्षा मंत्रालयों के साथ दिल्ली क्राइम ,पॉलिटिक्स और राजधानी की हर छोटी बड़ी खबरों पर खास तौर से नजर रखती हैं. लोगों से जुड़ी खबरों पर काम करने और लोगों तक सही और सटीक खबरें पहुंचाने को अपना मकसद मानती हैं।

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