Delhi Dwarka Murder: दिल्ली के द्वारका के जाफरपुर कलां इलाके में हुए गोलीकांड ने राजधानी को झकझोर दिया। इस मामले में दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल नीरज पर आरोप है कि उन्होंने दो लोगों पर गोली चला दी। इस घटना में डिलीवरी बॉय पांडव कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। इस पूरे मामले में जहां एक तरफ एक पुलिसकर्मी की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इंसानियत की एक मिसाल भी सामने आई।
पुलिसकर्मी अब बचा रहे जान
जाफरपुर कलां थाने में तैनात दो पुलिसकर्मियों ने आगे बढ़कर घायल की जान बचाने के लिए रक्तदान किया। जब अस्पताल में घायल युवक को खून की जरूरत पड़ी, तो इन दोनों पुलिसकर्मियों ने बिना देर किए ब्लड डोनेट किया। तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि कैसे दोनों पुलिसकर्मी अस्पताल में लेटे हुए रक्तदान कर रहे हैं, ताकि घायल की जान बचाई जा सके।
खास बात यह है कि आरोपी पुलिसकर्मी और घायलों की मदद करने वाले दोनों पुलिसकर्मी, सभी हरियाणा के रोहतक के रहने वाले बताए जा रहे हैं। एक ही जिले से जुड़े होने के बावजूद, एक की हरकत ने पुलिस विभाग पर सवाल खड़े किए, तो वहीं दूसरे दो पुलिसकर्मियों ने अपनी जिम्मेदारी और इंसानियत निभाते हुए एक सकारात्मक उदाहरण पेश किया।
फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है और आरोपी हेड कांस्टेबल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं, घायल युवक की हालत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
दिल्ली पुलिस का हेड कांस्टेबल गिरफ्तार
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के जाफरपुर कलां इलाके में झगड़े के बाद खाना पहुंचाने का काम करने वाले 21 साल के युवक की गोली मारकर हत्या करने और उसके दोस्त को घायल करने के आरोपी दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी नीरज बलहारा ने अपराध को अंजाम देने के लिए अपनी सरकारी ग्लॉक पिस्तौल का उपयोग किया जो उसे कुछ दिन पहले आवंटित की गई थी।
