Delhi Encounter News: दिल्ली के द्वारका जिले में चाकूबाजी और हत्या की वारदातों के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो खतरनाक अपराधियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए रातभर ऑपरेशन चलाया। मुठभेड़ में दोनों अपराधियों के पैर में गोली लग गई। वहीं एक हेड कांस्टेबल बाल-बाल बच गए। पुलिस ने आरोपियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है। फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
एनकाउंटर में हेड कांस्टेबल को छूकर निकली गोली
मुठभेड़ की पहली घटना सेक्टर-17 के पास हुई, जहां स्पेशल स्टाफ टीम ने वांटेड अपराधी रोहित उर्फ नोदा को घेर लिया। जब आरोपी ने पुलिस पर गोली चलाई, तो पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंगी की। जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया। जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से 7.65 एमएम की एक पिस्टल और कारतूस बरामद हुए हैं। एनकाउंटर के दौरान एक पुलिसकर्मी की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लग गई और एक हेड कांस्टेबल को गोली छूकर निकल गई। इसके बावजूद पुलिस ने संयम रखते हुए आरोपी को धर दबोचा।
‘जीरो टॉलरेंस’ में पुलिस ने दिखाया दम
दूसरा एनकाउंसर ओल्ड नजफगढ़ ड्रेन रोड पर हुआ, जहां द्वारका जिले की एएटीएस ने आरोपी प्रेम उर्फ हिमांशु को घेर लिया और उसे सरेंडर करने को कहा। लेकन आरोपी ने पुलिस टीम पर ही फायरिंग कर दी। जिसकी जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दाहिने पैर पर गोली लग गई। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी पहले से ही गंभीर अपराधों में शामिल रहे हैं। पुलिस ने अपराध के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाते ही कार्रवाई की है और यह भी साफ किया है कि ऐसे अपराधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
15 मिनट में चाकूबाजी की दो वारदात
दरअसल डाबरी इलाके में 29-30 मार्च की रात महज 15 मिनट के अंदर ही इन अपराधियों ने दो अलग-अलग चाकूबाजी की घटनाओं को अंजाम दिया था। जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पहली घटना मधु विहार में दुर्गा माता मंदिर के पास हुई, जिसमें गोविंद झा नाम के शख्स की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। वहीं दूसरी घटना में हनी और अनीश समेत तीन लोगों को चाकू मारा गया, जिनकी हालत गंभीर बनी हुई है। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इन दोनों वारदातों के पीछे रोहित कुमार उर्फ ‘नोदा’ और प्रेम शर्मा उर्फ ‘हिमांशु’ का हाथ है। इसके बाद द्वारका पुलिस की स्पेशल स्टाफ और एंटी-ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (AATS) टीमों ने रातभर ऑपरेशन चलाकर दोनों आरोपियों को दबोच लिया।
