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ट्रेन में खाना मंगाने से पहले हो जाएं सावधान, IRCTC ने 14 फर्जी ई-कैटरिंग वेबसाइटों पर की सख्त कार्रवाई, यात्रियों का डेटा और पैसा खतरे में

IRCTC E-Catering: कई अनधिकृत वेबसाइट और ऐप ऐसे होटल और रेस्टोरेंट से खाना दिलवाते हैं, जिनके पास जरूरी लाइसेंस तक नहीं होता। ऐसी जगहों पर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों और हाइजीन के मानकों का पालन नहीं होता। कई बार खाना बनाने वाले लोगों को जरूरी ट्रेनिंग भी नहीं दी जाती और डिलीवरी करने वालों का अनिवार्य हेल्थ चेकअप तक नहीं कराया जाता।

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प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो साभार- AI)

IRCTC E-Catering: ट्रेन यात्रा के दौरान सीट पर बैठे-बैठे खाना मंगाना अब महंगा पड़ सकता है, अगर आपने गलत वेबसाइट से ऑर्डर कर दिया। IRCTC की इजाजत के बिना चल रही कई वेबसाइट और ऐप यात्रियों को खाना पहुंचाने का दावा कर रही हैं। अब भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) ने ऐसी फर्जी वेबसाइटों के खिलाफ कड़ा एक्शन लेना शुरू कर दिया है। IRCTC ने साफ कहा है कि बिना अनुमति वाले ई-कैटरिंग प्लेटफॉर्म से खाना मंगाना यात्रियों की सेहत, सुरक्षा और पर्सनल जानकारी के लिए बहुत बड़ा खतरा साबित हो सकता है। निगम ने अब सिर्फ वार्निंग तक सीमित न रहकर नियम तोड़ने वाली कंपनियों के खिलाफ कानूनी एक्शन भी शुरू कर दिया है।

बिना लाइसेंस वाले होटल से आ रहा है खाना

IRCTC के अनुसार, कई अनधिकृत वेबसाइट और ऐप ऐसे होटल और रेस्टोरेंट से खाना दिलवाते हैं, जिनके पास जरूरी लाइसेंस तक नहीं होता। ऐसी जगहों पर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों और हाइजीन के मानकों का पालन नहीं होता। कई बार खाना बनाने वाले लोगों को जरूरी ट्रेनिंग भी नहीं दी जाती और डिलीवरी करने वालों का अनिवार्य हेल्थ चेकअप तक नहीं कराया जाता। ऐसे में यात्रियों को मिलने वाले खाने की क्वालिटी और सफाई पर गंभीर सवाल उठते हैं। यात्रा के दौरान खराब या गंदा खाना खाने से यात्रियों की तबीयत खराब हो सकती है।

खाने के साथ बैंक और पर्सनल जानकारी भी खतरे में

मामला सिर्फ खाने की क्वालिटी तक ही नहीं है। IRCTC ने यात्रियों को ऑनलाइन फ्रॉड और डेटा चोरी के खतरे को लेकर भी अलर्ट किया है। अनजान वेबसाइट पर खाना ऑर्डर करते वक्त यात्री अपना PNR नंबर, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और डेबिट-क्रेडिट कार्ड या UPI से जुड़ी जानकारी शेयर करते हैं। ऐसी सेंसिटिव जानकारी गलत हाथों में जाने पर फिशिंग, पहचान के गलत इस्तेमाल और बैंक खाते से फ्रॉड जैसी घटनाएं हो सकती हैं। इसके अलावा कई बार ऑर्डर लेने के बाद खाना पहुंचाया ही नहीं जाता, डिलीवरी में लेट होती है या बिना बताए ऑर्डर कैंसिल कर दिया जाता है। दिक्कत ये है कि ऐसी वेबसाइटों पर शिकायत करने और पैसा वापस पाने का कोई भरोसेमंद सिस्टम भी नहीं होता। ऐसे में यात्रियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

इन वेबसाइटों को लेकर IRCTC ने किया अलर्ट

IRCTC ने अपनी प्रेस रिलीज में कई अनधिकृत ई-कैटरिंग प्लेटफॉर्म के नाम बताए हैं। इनमें शामिल हैं-

1. RAILRESTRO.COM और RAILRESTRO.IN

2. RAILMITRA.COM

3. TRAVELKHANA.COM

4. TRAINCAFE.COM

5. DIBRAIL.COM

6. RAILFOOD.NET

7. TRAVELERFOOD.COM

8. FOODONTRACK.IN

9. ECATERING.APP

10. KHANAONLINE.IN

11. TRAINWAY.IN

12. RAILMEAL.COM

13. TRAINMENU.COM

IRCTC ने इन प्लेटफॉर्म को लेकर यात्रियों को सावधान रहने की सलाह दी है। निगम का कहना है कि उसके नाम और पहचान का गलत इस्तेमाल करके बिजनेस करने वाली संस्थाओं के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।

सिर्फ इन ऑफिशियल तरीकों से ही मंगाएं खाना

IRCTC ने यात्रियों से अपील की है कि ट्रेन में खाना ऑर्डर करने के लिए सिर्फ ऑफिशियल ई-कैटरिंग वेबसाइट https://www.ecatering.irctc.co.in और Food on Track मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करें। इसके अलावा IRCTC के अधिकृत ई-कैटरिंग पार्टनर और वेंडर के माध्यम से भी खाना मंगाया जा सकता है। यात्री 1323 नंबर पर कॉल करके भी ई-कैटरिंग सेवा का लाभ ले सकते हैं। इन तरीकों से खाना ऑर्डर करने पर बिलिंग, पेमेंट और खाने की क्वालिटी से जुड़ी व्यवस्था ज्यादा सुरक्षित और जिम्मेदार रहती है।

अवैध कारोबार से सरकारी खजाने को भी नुकसान

IRCTC ने इस पूरे मामले में रेवेन्यू और टैक्स से जुड़े पहलू को भी उठाया है। निगम के मुताबिक, IRCTC अपनी ई-कैटरिंग से होने वाली कमाई पर GST जमा करता है, जबकि नियमों के दायरे से बाहर काम करने वाले अनधिकृत ऑपरेटर जरूरी टैक्स दायित्वों से बच सकते हैं। इससे न सिर्फ सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचने की आशंका है, बल्कि नियमों का पालन करने वाली कंपनियों के साथ भी गलत प्रतिस्पर्धा होती है।

यात्रियों को मिलती है खाने की कई तरह की चॉइस

IRCTC का कहना है कि उसकी ई-कैटरिंग सेवा का मकसद यात्रियों को ट्रेन में ही उनकी पसंद का खाना उपलब्ध कराना है। इस प्लेटफॉर्म पर क्षेत्रीय व्यंजनों और पारंपरिक भारतीय खाने से लेकर पिज्जा, बर्गर जैसे फास्ट फूड तक कई ऑप्शन मौजूद हैं। यात्री चाहें तो सफर के दौरान जन्मदिन और सालगिरह जैसे खास मौकों के लिए केक भी ऑर्डर कर सकते हैं। अलग-अलग रेस्टोरेंट अपने मेन्यू और कीमतें तय करते हैं, जिससे यात्री अपनी पसंद और बजट के हिसाब से खाना चुन सकते हैं। IRCTC ने यात्रियों से अपील की है कि रेलवे स्टेशन या ट्रेन में कोई अनधिकृत फूड वेंडर या अवैध डिलीवरी गतिविधि दिखाई दे तो इसकी शिकायत रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के हेल्पलाइन नंबर 182 पर करें। निगम ने साफ किया है कि यात्रियों की सेहत, निजी जानकारी और पैसों की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है और अनधिकृत ई-कैटरिंग कारोबार के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

bhawana gupta
भावना किशोरauthor

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मूल की भावना ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIMC से 2014 में पत्रकारिता की पढ़ाई की. 12 सालों से मीडिया में काम कर रही हैं. न्यूज़ नेशन, इंडिया न्यूज़, टीवी 9 भारतवर्ष और ज़ी न्यूज़, न्यूज 18 में काम करने का अनुभव. अभी Times Now में Special correspondent हैं.दिल्ली सरकार, स्वास्थ्य ,रेल, कल्चरल, शिक्षा मंत्रालयों के साथ दिल्ली क्राइम ,पॉलिटिक्स और राजधानी की हर छोटी बड़ी खबरों पर खास तौर से नजर रखती हैं. लोगों से जुड़ी खबरों पर काम करने और लोगों तक सही और सटीक खबरें पहुंचाने को अपना मकसद मानती हैं।

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