Dehradun Car Accident: देहरादून के डालनवाला थाना क्षेत्र में एक भयावह सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक तेज रफ्तार कार ने कई वाहनों को टक्कर मारते हुए एक घर की दीवार तोड़ दी और अंदर तक घुस गई। इस दुर्घटना में तीन लोग घायल हो गए। हादसा ओल्ड सर्वे रोड की ओर से आ रही अनियंत्रित कार के कारण हुआ, जिसने रास्ते में खड़े वाहनों को भी अपनी तेज गति के चलते टक्कर मारी।
प्रारंभिक जांच में क्या आया सामने?
हादसे के बाद से मौके पर भगदड़ मच गई और आसपास के लोग दौड़कर आए। उन्होंने घायल लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस टीम भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और बेकाबू कार के चालक को हिरासत में लिया। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को मुख्य कारण माना जा रहा है।
सावधानी बरतने की आवश्यकता की चेतावनी
पुलिस आगे यह पता लगाने में जुटी है कि दुर्घटना के पीछे नशे का प्रभाव, मोबाइल फोन का इस्तेमाल या कोई तकनीकी खामी थी या नहीं। यह हादसा एक बार फिर सड़कों पर नियमों का पालन करने और सावधानी बरतने की आवश्यकता की चेतावनी देता है, क्योंकि तेज रफ्तार और लापरवाही सिर्फ खुद के लिए ही नहीं, बल्कि दूसरों के लिए भी खतरा बन सकती है।
कट्टे में बंद मिले महिला के शव की हुई पहचान
वहीं, देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र के जंगल में आठ दिन पहले एक प्लास्टिक के कट्टे में मिला महिला शव बिहार की रहने वाली रुपा का निकला। पुलिस ने हत्या के आरोप में महिला के पति को गिरफ्तार किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि आरोपी, रंजीत शर्मा (32), बिहार के सहरसा जिले का निवासी है और पिछले 12 साल से देहरादून में मजदूरी कर रहा था। हत्या की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के छह किलोमीटर के दायरे में 30 से अधिक झुग्गी-बस्तियों और मलिन क्षेत्रों में 5000 से अधिक परिवारों का सत्यापन किया, जिससे आरोपी का पता लगाया जा सका।
अधिकारी ने बताया कि 11 मार्च को प्रेमनगर क्षेत्र में बाला सुंदरी मंदिर के पास जंगल में एक प्लास्टिक के सफेद कट्टे में 30 से 32 वर्षीय महिला का शव पाया गया था। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि महिला की हत्या किसी अन्य स्थान पर हुई थी और शव को यहां फेंका गया था। शव के सड़ जाने के कारण उसकी पहचान नहीं हो पाई थी। इस मामले में झाझरा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अमित शर्मा की तहरीर के आधार पर प्रेमनगर थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 103(1) और 238 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
चिकित्सकों की टीम द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में यह पुष्टि हुई कि महिला की हत्या गला दबाकर की गई थी। एसएसपी डोबाल ने बताया कि मृतका के कपड़ों और अन्य सुरागों की जांच के दौरान यह सामने आया कि ‘कॉसवाली कोठरी’ इलाके के निवासी रंजीत शर्मा के साथ फरवरी से रह रही एक महिला कुछ दिन से लापता थी, जबकि उसकी 11 माह की बच्ची आरोपी और उसकी दूसरी महिला के पास थी। जांच में यह भी पता चला कि शर्मा की दो पत्नियां हैं। आठ मार्च को उसने पहली पत्नी और बच्ची को बिहार भेजने के बहाने मोटरसाइकिल और 1500 रुपये लिए थे। अगले दिन मोटरसाइकिल लौटाते समय उसने बताया कि उसकी पहली पत्नी बिहार चली गई है। पुलिस ने शक के आधार पर आरोपी को हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि रुपा उसकी पहली पत्नी थी, जो कुछ साल पहले उसे छोड़कर चली गई थी। फरवरी में वह वापस आई और आरोपी पर अपनी दूसरी पत्नी को छोड़ने का दबाव डाल रही थी, जिससे उनके बीच लगातार विवाद चल रहा था। पुलिस के अनुसार, इसी विवाद से परेशान होकर आरोपी ने आठ मार्च को रुपा की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को कट्टे में डालकर बाला सुंदरी मंदिर के पास फेंक दिया। अधिकारी ने बताया कि इस हत्या का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये और गढ़वाल पुलिस महानिरीक्षक की ओर से पांच हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।
(इनपुट - भाषा)
