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रेल लाइन पर कहां से आया मगरमच्छ? ट्रेन की चपेट में आने से हुई दर्दनाक मौत

Crocodile: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में रेलवे लाइन पर आ जाने के कारण एक मगरमच्छ की ट्रेन से कट कर मौत हो गई। घटनास्थल से कुछ दूरी पर गर्रा और खनौत दो नदियां बहती हैं, लेकिन इनमें मगरमच्छ नहीं पाये जाते हैं। ऐसे में यह मगरमच्छ आखिर कहां से आया?

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मगरमच्छ (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • रेल लाइन पर कैसे पहुंचा मगरमच्छ?
  • क्या बाढ़ के चलते नदी में आया मगरमच्छ।
  • मगरमच्छ का हो रहा पोस्टमार्टम।

Crocodile: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले से मंगलवार को एक दर्दनाक खबर सामने आई। बता दें कि शाहजहांपुर जिले में रेलवे लाइन पर एक मगरमच्छ के आ जाने की वजह से ट्रेन से कटकर उसकी मौत हो गई।

मगरमच्छ की मौत

वन विभाग के एक अधिकारी ने रेल लाइन पर मगरमच्छ के दो टुकड़ों में कटा हुआ मिलने की जानकारी दी। वन विभाग के उप रेंजर अजय सिंह राणा ने बताया कि आज सुबह रौजा रेलवे स्टेशन के पास किसी ट्रेन से एक मगरमच्छ की कट कर मौत हो गयी। पटरी पर मगरमच्छ दो टुकड़ों में कटा हुआ मिला।

तीन फुट लंबा था मगरमच्छ

उन्होंने बताया कि मगरमच्छ मादा है जिसकी लंबाई तीन फुट है और इसकी अनुमानित आयु डेढ़ वर्ष के आसपास है। अधिकारी ने बताया कि शाहजहांपुर जिले में घटनास्थल से थोड़ी दूरी पर गर्रा और खनौत दो नदियां बहती हैं, लेकिन इन नदियों में मगरमच्छ नहीं पाये जाते हैं।

उन्होंने कहा, “हालांकि, ऐसी संभावना व्यक्त की जा रही है कि यह मगरमच्छ बाढ़ के चलते नदी में आ गया होगा और किसी तरह भटककर रेलवे लाइन पर पहुंच गया।”

मगरमच्छ को नहीं पकड़ पाया था वन विभाग

ग्रामीणों ने बताया कि काफी समय से इस क्षेत्र में एक मगरमच्छ देखा जा रहा था। वन विभाग के कर्मचारियों ने उसे खोजने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह उसे पकड़ नहीं सके। वन विभाग मृत मगरमच्छ का पोस्टमार्टम करा रहा है।

(इनपुट: भाषा)

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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