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UP : इंसेफेलाइटिस पर हमारा पूरा नियंत्रण, बीमारी से मृत्यु दर शून्य; CM योगी ने कही ये बात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इंसेफ्लाइटिस यानी मस्तिष्क ज्वर से होने वाली मौतों को नियंत्रित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता थी। सीएम ने स्पष्ट किया कि समय पर इलाज, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और जागरूकता अभियान के जरिए इस बीमारी पर काफी हद तक काबू पाया गया है।

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सीएम योगी

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस पर पूरी तरह नियंत्रण का दावा किया जा रहा है। सीएम योगी ने कहा कि हमने दो वर्षों में इंसेफेलाइटिस को पूरी तरह नियंत्रित कर दिया। आज जब मैं पूर्वी उत्तर प्रदेश के दौरे पर जाता हूं, तो उन चेहरों पर खुशी देखता हूं, बच्चों को खेलते हुए देखता हूं तो लगता है कि हमने कुछ किया है, कुछ योगदान दिया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इंसेफ्लाइटिस यानी मस्तिष्क ज्वर से होने वाली मौतों को नियंत्रित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता थी। सीएम ने स्पष्ट किया कि समय पर इलाज, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और जागरूकता अभियान के जरिए इस बीमारी पर काफी हद तक काबू पाया गया है।

जानलेवा बीमारी से कैसे पाया पार

सीएम ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में कभी इंसेफ्लाइटिस एक बड़ी जानलेवा बीमारी मानी जाती थी, लेकिन उनकी सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत कर, मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत किया। इसके साथ ही टीकाकरण, साफ-सफाई, पोषण और समय पर रेफरल सिस्टम को भी बेहतर किया गया।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल इलाज नहीं, बल्कि इंसेफ्लाइटिस से होने वाली मौतों को पूरी तरह खत्म करना है। इसके लिए मल्टी-डिपार्टमेंट अप्रोच अपनाई गई है, जिसमें स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पंचायती राज और ग्रामीण विकास विभाग मिलकर काम कर रहे हैं।

योगी आदित्यनाथ कि आज बड़े उदाहरण प्रत्यक्ष रूप से हमारे सामने हैं। पहला इंसेफ्लाइटिस (मस्तिष्क ज्वर) से होने वाली मौतों को नियंत्रित करना। पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर सहारनपुर तक हर साल हजारों बच्चों की मौत होती थी। अब इस पर हमने बेहतर ढंग से नियंत्रण हासिल कर लिया है। अब मृत्यु लगभग शून्य हो गई है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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