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Ayodhya Ram Mandir: संसद जैसी होगी राममंदिर की सुरक्षा, आधुनिक उपकरणों का किया जाएगा इस्तेमाल

Ayodhya Ram Mandir: राष्ट्रपति और संसद के तर्ज पर की जाएगी राममंदिर की सुरक्षा। सीआईएसएफ ने सुरक्षा का पूरा प्लान तैयार कर लिया है। आधुनिक उपकरणों से होगी मंदिर की सुरक्षा।

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राममंदिर की सुरक्षा का जिम्मा सीआईएसएफ पर

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या के रामंदिर को पूरा करने की तैयारी जोरों पर है। 22 जनवरी 2024 को मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम होगा। उससे पहले मंदिर की फिनिशिंग का कार्य पूरा करना आवश्यक है। अयोध्या राम मंदिर की सुरक्षा इस समय चर्चा का केंद्र बनी हुई है। मंदिर की सुरक्षा राष्ट्रपति व संसद भवन के जैसी होगी। सुरक्षा को लेकर सीआईएसएफ द्वारा एक प्लान तैयार किया गया है। सुरक्षा के लिए आधुनिक उपकरणों का प्रयोग किया जाएगा।

इसकी खास बात ये है कि मंदिर के परिसर में बंदूकधारी ऑफिसर की संख्या कम होगी, लेकिन फिर भी सिक्योरिटी अभेद्य होगी। मंदिर की सुरक्षा को लेकर सीआईएसएफ ने राज्य सरकार को कई अहम सुझाव दिए हैं, जिसके अनुसार सुरक्षा योजना बनाई गई है। क्योंकि अब मंदिर के खुलने का दिन करीब हैं और रामलला के दर्शन करने लोगों की भीड़ पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इसी का ध्यान रखते हुए सुरक्षा योजना को लागू किया गया है।

सीआईएसएफ को क्यों दिया गया मंदिर की सुरक्षा का कार्य

सीआईएसएफ को मंदिर की सुरक्षा का कार्य इसलिए दिया गया है, क्योंकि इस बल के पास किसी एक मंदिर की नहीं बल्कि कई मंदिरों की सुरक्षा का अनुभव है। सीआईएफएस के पास तिरुपति मंदिर, शिरडी साईं बाबा मंदिर, गोरखनाथ मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर, महाबोधि और महाकालेश्वर मंदिर की सुरक्षा का अच्छा अनुभव है। मंदिर की सुरक्षा का प्लान तैयार करने के लिए और थ्रेट परसेप्शन लेने के लिए खुफिया एंजेसी, स्थानीय पुलिस और कई अन्य एजेंसियों से बात की गई है और उनके इनपुट लिए गए हैं।

सीआईएसएफ ने सुरक्षा ग्रिल का दिया सुझाव

राज्य सरकार ने सीआईएसएफ को राम मंदिर की सुरक्षा का कार्य सौंप दिया है। मंदिर की सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए सीआईएसएफ ने सुरक्षा ग्रिल लगाने का सुझाव पेश किया है। इस ग्रिल को केवल मंदिर के लिए बनाया जाएगा। इसके साथ ही सीआईएसएफ द्वारा मंदिर के नक्शे के आधार पर कहां-कहां सुरक्षाबलों की तैनाती की आवश्यकता है, उसकी भी जानकारी दी गई है।

मंदिर में सुरक्षा के लिए पहले होगी ट्रेनिंग

सीआईएसएफ ने मंदिर की सुरक्षा के लिए प्रदेश सरकार को तैनात किए जाने वाले सुरक्षा बलों को समय-समय पर बदलने वाली परिस्थितियों को कैसे टैकल करें इसकी ट्रेनिंग देने का भी सुझाव रखा है। मंदिर की सुरक्षा जल-थल और नभ तीनों के आधार पर की जाएगी, जिसके लिए अधिक आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जाएगा।

मंदिर के सुरक्षा के लिए सारी बारीकियों पर गौर किया जा रहा है। किसी भी प्रकारी की कमी न रहे इसका खास ध्यान रखा जा रहा है। मंदिर की सुरक्षा की निगरानी करने के लिए टीम बनाने की सिफारिश की गई है। जिस प्रकार संसद की सुरक्षा और राष्ट्रपति की सुरक्षा को महत्व दिया जाता है, उसी तर्ज पर राममंदिर की सुरक्षा पर भी पूरा ध्यान दिया जा रहा है।

सीआईएसएफ ने इन आठ बिंदुओ पर है फोकस

1. थ्रेट परसेप्शन और रिस्क एनालिसिस - जिसके लिए कई एजेंसियों के इनपुट भी लिए गए।

2. एक्सेस कंट्रोल

3. सुरक्षा में कितने बल की जरूरत - मंदिर में कहां-कहां सुरक्षा बलों को तैनात किया जाएगा इसे भी तय किया गया है।

4. फायर सेफ्टी के साथ डाक्यूमेंट सेफ्टी पर भी खास ध्यान दिया गया है।

5. आंतरिक खुफिया जानकारी

6. आपातकालीन सुरक्षा - आपात के समय में भी सुरक्षा पर ध्यान देते हुए कई उपाय खोजे गए हैं।

7. क्राउड कंट्रोल मैनेजमेंट - श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को किस प्रकार मैनेज किया जाए, इसकी ट्रेनिंग भी दी गई है।

8. स्टाफ फायर सेफ्टी ट्रेनिंग - मंदिर के स्टाफ को फायर सेफ्टी ट्रेनिंग भी दी गई है ताकि आग की स्थिति में किसी प्रकार की दिक्कत न हो।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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