छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को दुर्ग जिले में सैकड़ों की संख्या में पहुंचे युवाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जबरदस्त विरोध-प्रदर्शन किया। हिंदी भवन के समक्ष एकत्र हुए विज्ञान और सीटीईटी (CTET) अभ्यर्थियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना विरोध दर्ज कराया।
धरना प्रदर्शन के बाद आक्रोशित अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के दफ्तर का घेराव करने के लिए बढ़े। हालांकि, रास्ते में ही मुस्तैद पुलिस बल ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक लिया। इस दौरान अभ्यर्थियों और पुलिसकर्मियों के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी रही।
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क्या हैं अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें?
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की सबसे प्रमुख मांग यह है कि आगामी शिक्षक भर्ती में विज्ञान शिक्षक, जीव विज्ञान व्याख्याता और रसायन व्याख्याता के पदों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। अभ्यर्थियों का कहना है कि विज्ञान विषय से डिग्री पूरा करने वाले हजारों युवा लंबे समय से तैयारी कर रहे हैं, लेकिन पदों की अनुपलब्धता से उनका भविष्य अंधकारमय हो रहा है।
इसके अलावा, अभ्यर्थियों ने स्नातक में 50 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता वाले नियम में सभी वर्गों को 5 प्रतिशत की छूट देने की मांग की है। साथ ही, 6 सितंबर को प्रस्तावित CTET परीक्षा में शामिल होने वाले युवाओं को भी इस भर्ती में आवेदन की पात्रता देने की बात कही गई है।
चुनावी वादे और भर्ती के पदों पर उठे सवाल
प्रदर्शन में शामिल छात्र नेता कौशल ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय सरकार ने 57 हजार शिक्षक पदों पर बहाली की बात कही थी, जिसे बाद में घटाकर 33 हजार किया गया और अब महज 5 से 6 हजार पदों पर भर्ती की चर्चा चल रही है। अभ्यर्थियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनकी जायज मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो वे पूरे प्रदेश स्तर पर आंदोलन को और उग्र करेंगे।
