Bihar Satellite Township: बिहार को विकास और बुनियादी ढांचे के मामले में नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा रोडमैप तैयार किया है। सरकार प्रदेश के 12 अलग-अलग स्थानों पर आधुनिक 'सैटेलाइट टाउनशिप' का निर्माण करने जा रही है। इस पूरी महायोजना के लिए लगभग साढ़े छह लाख एकड़ जमीन का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे राज्य में शहरीकरण और रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
इस योजना का सबसे बड़ा केंद्र राजधानी पटना होगी। पटना में 81 हजार एकड़ में एक विशाल ग्रीनफील्ड टाउनशिप बनाने का प्रस्ताव है। सरकार के अनुसार, अकेले इस परियोजना से करीब 10 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश आने की संभावना है। इससे न केवल बुनियादी ढांचे का कायाकल्प होगा, बल्कि औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को अभूतपूर्व तेजी मिलेगी।
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पीपीपी मॉडल पर खास ध्यान
राज्य में ट्रांसपोर्टेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर को विश्वस्तरीय बनाने के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल को प्राथमिकता दी जा रही है। सभी जिला मुख्यालयों में पीपीपी मोड के तहत अत्याधुनिक बस स्टैंड और नई कॉलोनियां बनाई जाएंगी। इसके अतिरिक्त, परिवहन व्यवस्था में सुधार, चेकपोस्ट और टोल टैक्स वसूली जैसे कार्यों को भी इसी मॉडल से जोड़ा जाएगा।
नवनियुक्त अधिकारियों को सीएम ने सौंपे नियुक्ति पत्र
दूसरी तरफ, बापू सभागार में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान BPSC की 70वीं संयुक्त परीक्षा में सफल रहे 2027 नए पदाधिकारियों को जॉइनिंग लेटर सौंपे गए। इनमें लगभग 200 एसडीएम और 136 डीएसपी शामिल हैं। इस मौके पर राज्य की आर्थिक प्रगति का जिक्र करते हुए सीएम ने बताया गया कि कभी बिहार का कुल बजट महज छह हजार करोड़ रुपये हुआ करता था, जो वर्ष 2005 में बढ़कर 23 हजार करोड़ हुआ और आज यह 3.47 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े पर पहुंच चुका है।
