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Chandranath Rath Murder: चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में बड़ा उलटफेर; गलत पहचान का शिकार हुआ 'राज', असली शूटर मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार

Chandranath Rath Murder Case Update: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। कोलकाता पुलिस द्वारा पहले गिरफ्तार किया गया राज सिंह गलत पहचान का शिकार निकला। CBI ने मुजफ्फरनगर से असली शूटर राजकुमार सिंह को गिरफ्तार किया है।

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चंद्रनाथ रथ मर्डर केस में 'गलत पहचान' का हुआ खुलासा

Photo : Times Now Digital

Chandranath Rath Murder Case: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बेहद करीबी और निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की सनसनीखेज हत्या के मामले में एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा हुआ है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की तफ्तीश में सामने आया है कि कोलकाता पुलिस ने पूर्व में जिस आरोपी को मुख्य शूटर समझकर गिरफ्तार किया था, वह दरअसल गलत पहचान का मामला निकला। स हाईप्रोफाइल मर्डर केस का असली और मुख्य शूटर उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का रहने वाला आरोपी राजकुमार सिंह है, जिसे कई लोग राज सिंह के नाम से भी जानते थे। इसी नाम की समानता के चलते पूरी जांच भटक गई थी। असली शूटर की गिरफ्तारी के बाद CBI ने कोलकाता की विशेष अदालत में अर्जी लगाकर पहले गिरफ्तार किए गए निर्दोष राज सिंह को रिहा करवा दिया है।

एक जैसे नाम ने पुलिस को किया गुमराह

यह पूरी उलझन राज और राजकुमार नाम के फेर की वजह से शुरू हुई। दरअसल, 6 मई की रात उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम में चंद्रनाथ रथ की एसयूवी (SUV) को रोककर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी, जिसमें पूर्व वायुसेना कर्मी चंद्रनाथ की मौत हो गई थी। शुरुआती जांच कर रही कोलकाता पुलिस ने बिहार के बक्सर से दो आरोपियों विक्की मौर्य और मयंक मिश्रा को दबोचा था। इन दोनों से पूछताछ में राज सिंह नाम के शूटर का सुराग मिला। पुलिस ने तेजी दिखाते हुए 11 मई को अयोध्या पुलिस की मदद से बलिया (कोतवाली क्षेत्र) के राज सिंह को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, कस्टडी में पूछताछ और तकनीकी सबूतों का मिलान न होने पर जांच एजेंसियों के कान खड़े हुए और उन्हें अहसास हुआ कि सलाखों के पीछे बंद शख्स असल कातिल नहीं है।

पकड़ा गया असली 'राज'

इसी बीच इस केस की जांच CBI के हाथों में सौंप दी गई। CBI की सात सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) ने जब कड़ियों को दोबारा जोड़ा, तो असली शूटर राजकुमार सिंह का नाम सामने आया। राजकुमार बलिया के रसड़ा (रतोपुर गांव) का निवासी है। दो दिन पहले, CBI ने एक गुप्त सूचना के आधार पर उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित छपार टोल प्लाजा के पास जाल बिछाया। आरोपी राजकुमार सिंह हरिद्वार से गंगा स्नान कर दिल्ली-देहरादून हाईवे के रास्ते लौट रहा था, तभी केंद्रीय एजेंसी ने उसे दबोच लिया। राजकुमार के पकड़े जाते ही गलत पहचान का रहस्य खुल गया। CBI ने तुरंत कोलकाता की अदालत को सूचित किया कि पहले पकड़ा गया राज सिंह निर्दोष है, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर उसे जेल से रिहा कर दिया गया।

मर्डर केस का यूपी कनेक्शन

जांच में यह भी साफ हुआ है कि इस पूरे शूटआउट का ताना-बाना उत्तर प्रदेश से बुना गया था। हत्या में इस्तेमाल की गई जिस सिल्वर सेंट्रो कार से चंद्रनाथ की गाड़ी को ओवरटेक कर रोका गया था, वह भी यूपी के बलिया से महज 50 हजार रुपये में खरीदी गई थी। अपराधियों ने कार का इंजन और चेसिस नंबर पूरी तरह खुरच दिया था। इसके अलावा, इस मामले में यूपी के ही गाजीपुर के रहने वाले एक और शातिर अपराधी विनय राय उर्फ पमपम को भी वाराणसी से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया है। हालांकि, शूटरों के पकड़े जाने के बाद भी सबसे बड़ा सवाल बरकरार है आखिर इस हत्या का असली मकसद क्या था? चंद्रनाथ रथ शुभेंदु अधिकारी के चुनावी प्रबंधन और रणनीतियों के लिए जिम्मेदार माने जाते थे। CBI अब राजकुमार और विनय राय को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस सुपारी किलिंग के पीछे किसका राजनीतिक या आपराधिक दिमाग था।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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