दिल्ली : चांदनी चौक इलाके में 25 फरवरी को निकाले गए एक जुलूस को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में स्थानीय नागरिक मंच की ओर से उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री को संयुक्त पत्र लिखकर जांच की मांग की गई है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि करीब 200 लोगों के समूह ने “जो जमीन सरकारी है, वो जमीन हमारी है” जैसे नारे लगाते हुए जुलूस निकाला। आरोप है कि ये लोग खुद को फुटपाथ विक्रेता बताकर वेंडर कमेटी के गठन की मांग कर रहे थे, जबकि स्थानीय व्यापारियों का दावा है कि ये कथित तौर पर अवैध कब्जे से जुड़े लोग हैं।
अतिक्रमण की समस्या गंभीर
शिकायत में यह भी कहा गया है कि चांदनी चौक, जामा मस्जिद, टाउन हॉल, खारी बावली, सदर बाजार और आसपास के इलाकों में अतिक्रमण की समस्या बढ़ती जा रही है। पत्र में दिल्ली पुलिस पर जुलूस को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। पत्र में हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा अतिक्रमण के मामलों में सख्ती दिखाए जाने का भी जिक्र किया गया है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ समय से चांदनी चौक, जामा मस्जिद और आसपास के क्षेत्रों में अतिक्रमण को लेकर व्यापारियों और स्थानीय प्रसाशन के बीच तनातनी बनी हुई है। हालांकि, हाल के दिनों में दिल्ली हाईकोर्ट ने चांदनी चौक और जामा मस्जिद क्षेत्र में बढ़ते अतिक्रमण पर चिंता जाहिर की थी और नगर निगम को कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया था। बाद में कुछ स्थानों पर कार्रवाई की गई थी। इसी मसले पर शंकर कपूर ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना और सीएम रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर मामले में कार्रवाई की मांग की है।
