चण्डीगढ़

एक के बाद एक पकड़े जा रहे 'पाक जासूस'; गुरदासपुर से दो और धराए, ISI से जुड़े तार

देश के कई इलाकों से लगातार पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में संदिग्धों की गिरफ्तारियां हो रही हैं। आज, यानी सोमवार को पंजाब के गुरदासपुर से पुलिस ने दो और संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। इनपर आरोप है कि ये पाकिस्तान के खुफिया विभाग ISI से जुड़े थे और संवेदनशील जानकारियां साझा करते थे।

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ISI के लिए काम करने के आरोप में गिरफ्तार आरोपी

Photo : Times Now Digital

ISI Spies Arrested: देश भर में चल रहे जासूस विरोधी अभियान में गुरदासपुर पुलिस ने सफलता हासिल करते हुए दो पाकिस्तानी जासूसों को गिरफ्तार किया है। इन दो संदिग्धों पर आरोप है कि येपाकिस्तान की सरकारी इंटेलिजेंस एजेंसी ISI के साथ संवेदनशील जानकारियां साझा करते थे। सोमवार को अधिकारियों ने इस कार्रवाई की जानकारी दी।

ISI के संपर्क में थे आरोपी

आरोपियों की पहचान सुखप्रीत सिंह और करणबीर सिंह के तौर पर हुई है। दोनों युवकों के पास से संवेदनशील जानकारियां साझा करने के सबूत भी मिले हैं। इनकी गिरफ्तारी पर डीआईजी बॉर्डर रेंज सतिंदर सिंह ने कहा, "गुरदासपुर पुलिस ने एक ऐसे मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है जो पाकिस्तान को गुप्त सूचनाएं लीक करता था। दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उन्होंने हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में हमारे सुरक्षा बलों की गुप्त सूचनाएं लीक कीं, ऐसी गतिविधियों में शामिल लोग पाकिस्तानी जासूस हैं। उन्होंने हमारे देश के साथ विश्वासघात किया है। वे ISI के सीधे संपर्क में थे। पहलगाम हमले के बाद ISI ने उन्हें सक्रिय किया, उनके खातों में एक लाख रुपये भी ट्रांसफर किए गए। वे दोनों गुरदासपुर के हैं, दोनों की उम्र 19-20 साल है। वे नशे में भी लिप्त हैं, वे पिछले 15-20 दिनों से सूचनाएं साझा कर रहे थे।"

पुलिस ने साझा की जानकारी

डीजीपी पंजाब पुलिस ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करके यह जानकारी दी कि 15 मई को, विश्वसनीय खुफिया सूचनाओं से संकेत मिला कि सुखप्रीत सिंह और करणबीर सिंह नाम के दो युवक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी, ISI के साथ ऑपरेशन सिंदूर से संबंधित गोपनीय जानकारी साझा करने में लगे हुए थे। इनमें पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में सेना की आवाजाही से जुड़ी भी जानकारियां थीं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच ने खुफिया सूचनाओं की पुष्टि की है। पुलिस टीम ने उनके कब्जे से 3 मोबाइल फोन और 8 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं।

आगे हो सकते हैं और खुलासे

पुलिस की शुरूआती जांच से पता चलता है कि आरोपी ISI हैंडलर्स के सीधे संपर्क में थे और उन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों से संबंधित महत्वपूर्ण और संवेदनशील जानकारी साझा की थी। दोनों आरोपियों पर आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत FIR दर्ज की गई है। पुलिस को उम्मीद है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, और भी खुलासे होने की उम्मीद है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारी author

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृ... और देखें

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