चंडीगढ़ : पंजाब सतर्कता ब्यूरो (विजिलेंस) ने शुक्रवार को शिरोमणि अकाली दल (शिअद) नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में मोहाली की एक अदालत में 40,000 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया। 25 जून को मजीठिया को कथित तौर पर मादक पदार्थ के व्यापार से प्राप्त 540 करोड़ रुपये का धनशोधन करने के मामले में संलिप्त होने के आरोप में गिरफ्तार किया था। 18 अगस्त को मोहाली की अदालत ने मजीठिया की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जो फिलहाल पटियाला की नई नाभा जेल में बंद हैं।
क्या हैं आरोप?
आरोपपत्र चार सीलबंद बक्सों में अदालत में लाया गया। सरकारी वकील फेरी सोफत ने बताया कि आरोपपत्र अदालत में दाखिल कर दिया गया है। मजीठिया के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में सतर्कता ब्यूरो ने दावा किया था कि प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि 540 करोड़ रुपये से अधिक की ‘ड्रग मनी’ का कई तरीके से धनशोधन किया गया था और कथित तौर पर मजीठिया ने इसमें मदद की थी।
'आप' ने बताया कि राज्य के पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने 140 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। जांच के बाद तैयार इस फाइनल रिपोर्ट में करीब 40,000 पन्नों के दस्तावेजी सबूत शामिल किए हैं और लगभग 400 बैंक खातों की जांच की गई है। रिपोर्ट में कुल 200 से ज्यादा गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं।
इस जांच के दौरान देश के कई राज्यों में 15 जगहों पर छापेमारी की गई, जिसमें मजीठिया से जुड़ी 30 अंचल संपत्तियों, 10 वाहनों और 15 कंपनियों या फर्मों का पता चला, जो उनके मंत्री कार्यकाल के दौरान अर्जित की गई अवैध संपत्ति से संबंधित हैं। चार्जशीट में बताया गया है कि बिक्रम सिंह मजीठिया ने जांच अवधि के दौरान 1200% तक आय से अधिक संपत्ति अर्जित की, जिसकी कुल अनुमानित कीमत 700 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह पूरा मामला सबूतों के साथ अदालत में पेश किया गया है।
