चण्डीगढ़

बेअदबी से जुड़े मामलों में कड़ी सजा के लिए सख्त कानून लाएगी पंजाब सरकार, CM मान का ऐलान

भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन बेअदबी की घटनाओं में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों को उदाहरणीय सजा दी जाएगी।

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पंजाब सीएम भगवंत मान (फाइल फोटो)

Photo : PTI

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को अपने सरकारी आवास पर अधिकारियों और सर्वधर्म बेअदबी रोकथाम कानून मोर्चा के प्रतिनिधियों के साथ एक अहम बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि पंजाब, महापुरुषों, संतों और पैगंबरों की पावन धरती है, जिन्होंने पूरी दुनिया को आपसी प्रेम और सहनशीलता का मार्ग दिखाया है।

सीएम मान ने की घोषणा

सीएम मान ने घोषणा की कि राज्य सरकार पवित्र ग्रंथों की बेअदबी से जुड़े मामलों में कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए एक सख्त कानून लाएगी। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि पंजाब समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता और सांप्रदायिक सौहार्द, शांति और भाईचारे का प्रतीक है। भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि राज्य सरकार बेअदबी की घटनाओं के दोषियों को उदाहरणीय सजा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेगी सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ठोस राज्य स्तरीय कानून को बनाने के लिए सरकार कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेगी, ताकि अपराधियों को सख्त सजा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने मौजूदा कानूनी खामियों पर चिंता व्यक्त की, जो इस प्रकार के अक्षम्य अपराधों के दोषियों को खुलेआम घूमने की अनुमति देती हैं। उन्होंने इसे पूरी तरह गलत और अस्वीकार्य बताया।

धार्मिक संगठनों से भी लेगी सलाह

हर व्यक्ति के लिए न्याय सुनिश्चित करने के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन बेअदबी की घटनाओं में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों को उदाहरणीय सजा दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित करना राज्य सरकार का कर्तव्य है कि इस प्रकार के अपराधों में शामिल व्यक्तियों को उनके कुकर्मों के लिए जवाबदेह ठहराया जाए। राज्य सरकार कानून का प्रारूप तैयार करने के लिए धार्मिक संगठनों समेत सभी पक्षों से सलाह-मशविरा करेगी और उनके सुझावों को कानून में शामिल किया जाएगा।

शीघ्र बुलाई जाएगी कैबिनेट बैठक

मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष बल दिया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में धार्मिक स्थलों को लेकर तो स्पष्ट प्रावधान हैं, लेकिन पवित्र ग्रंथों की बेअदबी के संबंध में कोई प्रावधान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि चूंकि यह विषय समवर्ती सूची के अधीन आता है, इसलिए राज्य को ऐसा कानून बनाने का अधिकार प्राप्त है और इसके लिए कानूनी सलाह ली जाएगी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि आम जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए यह प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी और इस मुद्दे पर शीघ्र कैबिनेट बैठक भी बुलाई जाएगी।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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