चण्डीगढ़

पंजाब में पहली बार बदली ऑफिस टाइमिंग, आज से सुबह 7:30 बजे से काम करेंगे सरकारी कर्मचारी

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated May 2, 2023, 08:59 AM IST

Punjab Office Timings: पंजाब में आज से सरकारी ऑफिस सुबह साढ़े सात बजे खुलेंगे और दोपहर दो बजे तक काम करेंगे। पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा है कि आने वाले दिनों में भीषण गर्मी पड़ेगी, ऐसे में लोग जल्दी काम करवाकर फ्री हो सकते हैं। उन्होंने कहा, इस पहल का सभी को फायदा होगा।

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान

Photo : Twitter

Punjab Office Timings: पंजाब में सरकारी दफ्तर खुलने के समय में बड़ा बदलाव किया है। आज (मंगलवार) से पंजाब में सरकारी दफ्तर सुबह 7:30 बजे से खुलेंगे और दोपहर दो बजे तक काम करेंगे। ऐसे पहली बार है कि राज्य में सरकारी दफ्तरों के समय को बदला गया है। इस संबंध में सभी विभागों को आदेश भी जारी कर दिया गया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि इस नई पहल से हर किसी को फायदा होगा।

इससे पहले सीएम भगवंत मान ने सोमवार को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि 2 मई से पंजाब में सभी सरकारी कार्यालय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 2 बजे तक खुले रहेंगे। मैं खुद सुबह 7:30 बजे अपने कार्यालय जाऊंगा। उन्होंने कहा, हमारी सरकार द्वारा एक नई पहल की गई है, जिसके कई फायदे होंगे और मैं इस पहल में पंजाब के लोगों के सहयोग की उम्मीद करता हूं। कहा जा रहा है कि पंजाब सरकार की ओर से यह कदम बिजली की बचत करने के लिए उठाया गया है।

पहले सरकारी काम के लिए लेनी पड़ती थी छुट्टी

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पहले ऑफिस खुलने का समय नौ बजे हुआ करता था। सरकारी काम के लिए लोगों को पूरे दिन की छुट्टी लेनी पड़ती थी। हालांकि, अब सुबह साढ़े सात बजे दफ्तर खुल जाएंगे, लोग आठ बजे तक काम करवा सकते हैं। उन्होंने कहा, आने वाले महीने जून-जुलाई में भयानक गर्मी पड़ेगी। ऐसे में सरकारी समय बदलने से लोगों को फायदा होगा। उन्होंने कहा, हमने नई पहल की है, जो देश में कभी नहीं हुआ। इससे लोगों को फायदा होगा।

आठ बजे से खुलेंगे अस्पतालहालांकि, पंजाब में सरकारी अस्पतालों के खुलने के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अस्पताल पहले की तरह सुबह आठ बजे से खुलेंगे और दो बजे तक अपनी सेवाएं देंगे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। आपातकालीन सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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