चण्डीगढ़

पंजाब में भारी बारिश का प्रकोप जारी, नंगल हाइडल नहर पर कई जगह दरारें; खतरा बढ़ा तो प्रशासन की मदद को आए ग्रामीण

पंजाब में भारी बारिश का प्रकोप अब भी जारी है। बारिश और बाढ़ के चलते पंजाब के तमाम गांवों और खेतों में पानी घुस गया है। खेतों में पानी घुसने ले फसलें चौपट हो गई हैं। इधर रोपड़ क्षेत्र में लगातार बारिश से नंगल हाइडल नहर को खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन की मदद करके इसे रिपेयर किया।

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नंगल नहर में कई जगह आई दरारें

पंजाब के रोपड़ क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश ने नंगल हाइडल नहर को खतरे में डाल दिया। भाखड़ा-ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) द्वारा संचालित इस नहर के तटबंध नौ स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। तटबंधों को हुए नुकसान से नहर टूटने का खतरा काफी ज्यादा बढ़ गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आसपास के गांवों के लोग मौके पर पहुंचे और बीबीएमबी अधिकारियों की मदद से मरम्मत कार्य में जुट गए। ग्रामीणों और प्रशासन के संयुक्त प्रयास से तत्काल मरम्मत की गई, जिससे संभावित बड़े हादसे को टाला जा सका। हालांकि, लगातार बारिश से हालात अब भी चिंताजनक बने हुए हैं।

पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने सतलुज नदी और नंगल हाइडल नहर के किनारों पर भारी बारिश के बाद हुए व्यापक नुकसान के बाद आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रयासों में सक्रिय रूप से भाग लिया। भाखड़ा डैम में बढ़ते जल स्तर ने स्थानीय अधिकारियों और समुदाय से तात्कालिक कार्रवाई की मांग की है।

कल यानी मंगलवार 2 सितंबर को, स्थानीय निवासियों ने रोपड़ जिला प्रशासन और सेना के कर्मियों के साथ मिलकर चमकौर साहिब में नहर के एक क्षतिग्रस्त किनारे को मजबूत किया। उप-मंडल अधिकारी वर्जीत वालिया ने बताया कि भारी बारिश और भाखड़ा डैम में बढ़ते जल स्तर के कारण तटबंध की स्थिति बिगड़ गई है। उन्होंने कहा, 'जिला प्रशासन, स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर, स्थिति को संभालने के लिए लगातार काम कर रहा है। सेना की टीम के आगमन के साथ, हम अब उनकी इंजीनियरिंग विशेषज्ञता के आधार पर तटबंध को मजबूत कर रहे हैं।'

उप-मंडल अधिकारी ने जनता को आश्वस्त किया कि तत्काल खतरा टल गया है, क्योंकि भाखड़ा डैम में जल स्तर कम हो गया है। उन्होंने निवासियों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल जिला प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी पर भरोसा करने का आग्रह किया। एक आधिकारिक सलाह जारी की गई है, जिसमें निवासियों को सलाह दी गई है कि वे नदियों, नहरों या धाराओं के पास रहने वाले सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। आपातकालीन स्थितियों में हेल्पलाइन नंबर 01881-221157 या 112 पर संपर्क कर सकते हैं।

भारी बारिश का प्रभाव

लगातार भारी बारिश के कारण रोपड़ के निम्न-स्थित क्षेत्रों में बाढ़ आ गई है, जिससे डोलाबस्ती, भानम, चांदपुर, चनौली बस्ती, बुर्ज, और संगतपुर सहित कई गांव प्रभावित हुए हैं। निवासी मरम्मत के प्रयासों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं, जो विपत्ति के समय में सामुदायिक भावना को दर्शाता है। बैंस ने इस चुनौतीपूर्ण समय में ग्रामीणों के सहयोग और सहनशीलता की सराहना की।

नंगल हाइडल नहर के प्रति चिंताएं

सतलुज नदी के किनारों पर हुए नुकसान के अलावा, BBMB द्वारा संचालित नंगल हाइडल नहर में भी नौ स्थानों पर गंभीर नुकसान हुआ है। इस स्थिति ने नहर में संभावित नुकसान के बारे में चिंताओं को जन्म दिया है, जिससे निकटवर्ती गांवों में खौफ फैल गया। रिपोर्टों से पता चलता है कि ग्रामीणों ने मरम्मत के प्रयासों में BBMB अधिकारियों की सहायता के लिए क्षतिग्रस्त स्थलों पर इकट्ठा हो गए।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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