चण्डीगढ़

Rohtak: हरियाणा में NSA के तहत पहला केस दर्ज, सलाखों के पीछे पहुंचा खूंखार अपराधी

हरियाणा पुलिस ने गृह मंत्रालय (Home Ministry) की मंजूरी मिलने के बाद पहली बार खूंखार अपराधी पर एनएसए के तहत कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया है।

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रोहतक में एनएसए की कार्रवाई

Photo : BCCL

रोहतक: हरियाणा में नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत पुलिस की ओर से पहली कार्रवाई की गई है। पुलिस ने हत्या, लूट डकैती, धमकी जैसी 20 अपराधिक घटनाओं में शामिल अपराधी को NSA के तहत 12 महीने के लिए जेल भेज दिया है। हरियाणा में नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत यह पहली कार्रवाई है, जिसकी मंजूरी सीधे गृह मंत्रालय (Home Ministry) से मिली है। डीएसपी रवि खुंडिया ने बताया कि ऐसे अपराधियों की पहचान की जा रही है, जिन पर कार्रवाई होना निश्चित है।

अपराधी पर एनएसए की कार्रवाई

जेल से बाहर आकर लगातार अपराधिक घटनाओं में शामिल रहने वाले एक खूंखार अपराधी को रोहतक पुलिस ने एनएसए (NSA) के तहत 12 महीने के लिए जेल भेज दिया है। दरअसल, नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत रोहतक पुलिस ने एक ऐसे अपराधी पर कार्रवाई की है, जिस पर हत्या, लूट, डकैती फिरौती जैसी 20 मामले दर्ज हैं, जिसमें से रोहतक जिले के 17 मामले हैं ऐसे अपराधी को पुलिस ने NSA की कार्रवाई कर 12 महीने के लिए सुनारिया जेल भेज दिया है।

हरियाणा में एनएसए का पहला केस

डीएसपी रवि खुंडिया ने बताया की पुलिस ऐसे अपराधियों की लिस्ट तैयार कर रही है, जो पेरोल या जमानत पर बाहर आकर भी अपनी आदतों में सुधार नहीं करते और लगातार अपराधिक घटनाओं को अंजाम देते रहते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हरियाणा में यह पहला ऐसा मामला है जो नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत दर्ज किया गया है। इस तरह की कार्रवाई के लिए गृह मंत्रालय से पहली बार मंजूरी मिली है। इससे अपराधियों पर नकेल कसने की राह आसान होगी। फिलहाल, पुलिस ने अपराधी का नाम और पहचान गोपनीय रखी है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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