IPS Officer Suicide Case: आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार की पत्नी अमनित पी कुमार ने शुक्रवार को चंडीगढ़ एसएसपी को पत्र लिखकर एफआईआर में मौजूद अधूरी जानकारी को लेकर सवाल उठाए और इसमें संशोधन की मांग की। उन्होंने कहा कि एफआईआर में आरोपियों के नाम का साफतौर पर उल्लेख नहीं है।
पत्र में क्या कुछ कहा गया?
अमनित पी कुमार ने पत्र में लिखा कि एफआईआर में एससी/एसटी एक्ट की जो धाराएं लगानी चाहिए थी, वह भी नहीं लगाई गई हैं और एफआईआर की बिना हस्ताक्षर वाली कॉपी मुझे दी गई है जिसमें अधूरी जानकारी है। उन्होंने कहा कि मुझे अभी तक सुसाइट नोट की कॉपी पुलिस ने नहीं दी है, जो पूरण कुमार की जेब से मिली थी।
पत्र में कहा गया कि इस सुसाइट का जो ट्रिगर प्वाइंट था जिसके लिए दो लोग जिम्मेदार हैं डीजीपी शत्रुजीत कपूर और एसपी रोहतक नरेंद्र बिजारणियां, उनके नाम का भी उल्लेख नहीं किया गया है। सभी आरोपियों के नाम कॉलम नंबर 7 में लिखे जाने चाहिए, इसलिए एफआईआर में तुरंत संशोधन किया जाए।
पुलिस ने दर्ज की FIR
चंडीगढ़ पुलिस ने गुरुवार की देर शाम आईपीएस सुसाइड मामले में 'सुसाइट नोट' के आधार पर आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी/एसटी एक्ट के कुछ प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज की। इस नोट में कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम शामिल थे और विशेष रूप से हरियाणा डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारनिया पर उन्हें परेशान करने और बदनाम करने का आरोप लगाया गया था।
सनद रहे कि पूरण कुमार ने कथिततौर पर मंगलवार को चंडीगढ़ स्थित आवास पर खुद को गोली मार ली थी। चंडीगढ़ पुलिस ने एक संक्षिप्त बयान में कहा, ‘‘अंतिम नोट में उल्लिखित आरोपियों के खिलाफ अत्याचार रोकथाम अधिनियम की धारा 108 आरडब्ल्यू 3(5) (आत्महत्या के लिए उकसाना) और 3(1)(आर) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच जारी है।’’ अगली कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर चंडीगढ़ पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘हम लगाए गए आरोपों की जांच करेंगे।’’
