चण्डीगढ़

हरियाणा में ऑपरेशन रिवर्स लोटस: Congress नेता का बड़ा दावा, एक साल में 29 BJP नेता कांग्रेस में शामिल

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jul 5, 2023, 07:02 PM IST

Haryana News: दीपेंद्र हुड्डा ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा, कई राज्यों में ऑपरेशन लोटस चल रहा है। लेकिन हरियाणा के लोगों ने कमल को उल्टा टांग दिया है। बीते कुछ महीनों भाजपा के 29 पूर्व विधायक और मंत्री कांग्रेस में शामिल हुए हैं।

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कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा

Photo : ANI

Haryana News: महाराष्ट्र में चल रहे सियासी उथल-पुथल के बीच कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा, हरियाणा में कमल उल्टा हो गया है। यहां ऑपरेशन रिवर्स लोटस चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि बीते एक साल में भाजपा के 29 पूर्व विधायक और मंत्री कांग्रेस में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा, आज भी भाजपा के तीन पूर्व विधायक कांग्रेस के साथ जुड़े हैं।

दीपेंद्र हुड्डा ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा, कई राज्यों में ऑपरेशन लोटस चल रहा है। लेकिन हरियाणा के लोगों ने कमल को उल्टा टांग दिया है। यह इस बात का संकेत है कि हरियाणा बदलाव की तरफ बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, हरियाणा में भाजपा ओर जेजेपी ने अपनी जमीन खो दी है। बता दें, हरियाणा में अगले साल 2024 में विधानसभा चुनाव होने हैं।

मध्य प्रदेश की घटना पर भड़के हुड्डा

इस दौरान दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने मध्य प्रदेश की घटना पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में घमंड इस कदर छाया हुआ है कि वे समाज के नीचे तबके के लोगों के साथ अमानवीय हरकतें करने से भी नही हिचक रहे हैं। उन्होंने कहा, मध्य प्रदेश के सीधी जिले की घटना की जितनी निंदा की जाएग कम है। आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, जिससे यह नजीर बने और दोबारा इस तरह की घटना न हो।

महाराष्ट्र में सियासी उथल-पुथल के बाद आया बयान

बता दें, कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा का बयान महाराष्ट्र में चल रहे सियासी उथल-पुथल के बीच आया है। राज्य में एनसीपी नेता अजित पवार शरद पवार से बगावत कर शिंदे सरकार में शामिल हो गए। अजित पवार का दावा है कि उन्हें एनसीपी के 40 विधायकों का समर्थन भी प्राप्त है। इसके साथ ही उन्होंने खुद को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर एनसीपी पर भी अपना दावा ठोक दिया है। बता दें, महाराष्ट्र के इस सियासी भूचाल के बाद भाजपा पर एक बार फिर पार्टी को तोड़ने का आरोप लगा है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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