Chandigarh: सफाई चाहे घर की हो या शहर की, इसकी जिम्मेदारी केवल तय व्यक्तियों की नहीं होती है। ये हर नागरिक का फर्ज है कि उसका घर, मोहल्ला और शहर साफ-सुथरा हो। चंडीगढ़ के सेक्टर 49 में रहने वाले 87 वर्षीय रिटार्यड DIG इंद्रजीत सिंह सिद्धू को भी एक दिन इसका इल्हाम हुआ और इसी एक विचार उन्होंने अपनी जिंदगी बना ली।
चंडीगढ़ में हमेशा से ऐसी सफाई नहीं थी कि स्वच्छता सर्वे में टॉप रैंक हासिक करे। शहर की गंदगी से तंग आकर उन्होंने नगर निगम से कई तगादे भी किए। लाख शिकायत-विनतियों का जब फायदा न दिखा, तो उन्होंने खुद ही थैला और रिक्शा लेकर कूड़ा इकट्ठा करना शुरू कर दिया। शुरुआत में लोग उन्हें पागल कहते थे लेकिन अब उनका परिवार, पड़ोसी और यहां तक कि कई स्थानीय लोग भी उनके इस मिशन को खुलकर समर्थन देते हैं।
1996 में पंजाब पुलिस से सेवानिवृत्त होने के बाद वे चंडीगढ़ के सेक्टर 49 में रहते हैं और कई वर्षों से शहर की सफाई के लिए काम कर रहे हैं। जब भी सफाई कर्मचारियों की ठेले खाली रह जाते हैं तो सिद्धू उन्हें ले जाते हैं, उनमें कूड़ा भरते हैं और सही जगह पर कूड़ा डाल देते हैं। वे मानते हैं कि अगर हर नागरिक शहर की सफाई में योगदान दे तो चंडीगढ़ स्वच्छता की रैंकिंग में सबसे ऊपर आ सकता है। हालांकि चंडीगढ़ ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में दूसरा स्थान हासिल किया है लेकिन सिद्धू को यह संतुष्ट नहीं करता। उनका कहना है कि दूसरे स्थान पर आए शहर का भी ऐसा हाल है, वो असल मायने में शहर को साफ-सफाई में टॉप स्थान दिलाना चाहते हैं। अब, उनके प्रयासों से अब आसपास के लोग भी प्रेरित होकर सफाई में मदद करने लगे हैं।
