चंडीगढ़: चंडीगढ रेलवे स्टेशन (Chandigarh Railway Station) पर 462 करोड़ रुपये की पुनर्विकास परियोजना विलंबित होती जा रही है। इस परियोजना को शुरुआती दौर में मई 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन, समय से निर्माण कार्य पूरा न होने की वजह से इसे 6 महीने आगे तक बढ़ाकर दिसंबर 2024 तक डेडलाइन रखी गई है। उधर, रेलवे नई इमारतों और पहले से बने प्लेटफार्म-1 और 2 के बीच एक कॉनकोर्स विकसित करने के बाद जुलाई भर के लिए प्लेटफार्म नंबर-1 को पूरी तरह बंद कर देगा।
धूप से बचाव के लिए नहीं है शेड
मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से पता चला है कि काम में देरी मुख्य रूप से प्लेटफार्म के अधूरे काम की वजह से हुई है, जिसके कारण ट्रेन सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित करना पड़ेगा, जिससे व्यवधान उत्पन्न होगा। ऐसी असुविधा से बचने और सुगम यात्रा अनुभव के लिए परियोजना की समयसीमा बढ़ा दी है। वर्तमान में पुनर्विकास का 67 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। उधर, प्लेटफार्म-2 पर चल रहे निर्माण कार्यों के कारण शेड नहीं है। इससे यात्रियों को गर्मी का दंश झेलना पड़ रहा है, जिससे कई लोगों को सीढ़ियों के नीचे शरण लेनी पड़ती है।
पूछताछ काउंटर-फूड कोर्ट होगा शामिल
शेष कार्य में एक एयर कॉनकोर्स, चार अत्याधुनिक फुट ओवरब्रिज, पंचकुला की ओर पार्किंग क्षेत्र और पूरे रेलवे स्टेशन पर एक उचित छत निर्माण शामिल है। रेलवे ट्रैक पर फैले एयर कॉनकोर्स के निर्माण के लिए ट्रेनों को डायवर्ट करने की आवश्यकता महसूस होगी। इसके अलावा बिजली आपूर्ति लाइनों को अस्थायी रूप से स्थानांतरित करना पड़ेगा। इस हाईटेक स्टेशन में अत्याधुनिक लॉबी, एक फूड कोर्ट, एक सशुल्क लाउंज, एक पूछताछ काउंटर, कार्यालय स्थान और खुदरा क्षेत्र शामिल होंगे।
उधर, पंचकुला की ओर कम से कम नौ वाणिज्यिक स्थलों के साथ चार एकड़ में फैले एक बड़े पार्किंग क्षेत्र का निर्माण किया जा रहा है। दरअसल, चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन जो ट्राइसिटी चंडीगढ़, मोहाली और पंचकुला को सेवा प्रदान करता है। इस प्रोजेक्ट को 2022 में मेसर्स अहलूवालिया कॉन्ट्रैक्ट्स (प्राइवेट) लिमिटेड को दिया गया था। इसके अपग्रेडेशन का कार्य 2023 में शुरू हुआ था।
