Chandigarh: चंडीगढ़ के हेरिटेज प्रेस लाइट प्वाइंट में बड़ा बदलाव हुआ है। अब इस ऐहिासिक इमारत को भारतीय वायुसेना के हेरिटेज म्यूजियम के तौर पर जाना जाएगा। सेक्टर-17, 18, 8 और 9 के लाइट प्वाइंट पर स्थित इस इमारत की अब एक-एक दीवार वायु सेना के जांबाज जवानों की शौर्यगाथा बयां करेगी। इस हेरिटेज म्यूजियम की तरफ लोगों को आकर्षित करने के लिए लाइट प्वाइंट पर ही लड़ाकू विमान ई-257 भी स्थापित किया जा रहा है। इसके अलावा इस इमारत के अंदर भी लोगों का स्वागत लड़ाकू विमान करेंगे। चंडीगढ़ प्रशासन के अनुसार, देश के इस दूसरे एयरफोर्स हेरिटेज म्यूजियम का उद्घाटन रक्षामंत्री राजनाथ सिंह 31 जनवरी को करेंगे। इसके बाद 1 फरवरी से यह म्यूजियम आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, इस म्यूजियम के अंदर प्रवेश करने पर लोगों को सबसे पहले परमवीर चक्र विजेता फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों की तस्वीर के साथ उनके शौर्य के बारे में जानने का मौका मिलेगा। भारत-पाकिस्तान 1971 युद्ध में सेखों श्रीनगर एयर बेस को पाक वायु सेना के हवाई हमले से बचाते हुए देश के लिए बलिदानी हो गए थे। इसके आगे की दिवारों पर दो जनवरी 2016 को पठानकोट एयरबेस को आतंकी हमले में बचाते हुए बलिदान देने वाले भारतीय वायुसेना के गरूड़ फोर्स के कमांडो गुरसेवक सिंह और अशोक चक्र विजेता ज्योति प्रकाश निराला की शौर्य गाथा जानने का मौका मिलेगा।
दिवारें बयां करेंगी योद्धाओं की शौर्य गाथा
म्यूजियम में इससे आगे बढ़ने पर लोगों को एयर वाइस मार्शल हरजिंदर सिंह माहल के बारे में जानने का मौका मिलेगा। माहल का नाम वायुसेना के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज है। माहल अकेले ही ने 132 दिनों में चार सीटर एयर क्राफ्ट तैयार किया था। इसके आगे एक खास सेल्फी प्वाइंट भी बनाया जा रहा है। यहां पर लोग लड़ाकू विमान राफेल के साथ सेल्फी ले सकेंगे। इस म्यूजियम में लोगों को वर्ष 1948 में भारत पाक युद्ध, वर्ष 1961 भारत-चीन युद्ध, वर्ष 1965 भारत-पाक युद्ध, वर्ष 1971 भारत-पाक युद्ध और साल 1999 कारगिल युद्ध से जुड़ी सभी तस्वीरों को देखने का मौका मिलेगा।
म्यूजियम में कई लड़ाकू विमान भी
इस एयरफोर्स हेरिटेज म्यूजियम में लोगों को देश की सेवा करने वाले वायुसेना के कई लड़ाकू विमान भी देखने को मिलेंगे। यहां पर लोग कानपुर-1 एयरक्राफ्ट, मीग-23, मीग-21 फाइटर जेट, एचपीटी-32 प्राइमरी ट्रेनर एयरक्राफ्ट, जीएनएटी एयरक्राफ्ट, एसओ-03 इसकरा और बीआर570 एयरक्राफ्ट को देखने के साथ इसके बारे में जानकारी भी हासिल कर सकेंगे।
