ADGP Y Puran Kumar Death Investigation: चंडीगढ़ पुलिस ने हरियाणा के एडीजीपी वाई पूरन कुमार की संदिग्ध आत्महत्या की जांच के लिए 6 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। विशेष जांच दल (SIT) के सदस्यों में समिति का नेतृत्व IGP, UT चंडीगढ़, पुष्पेंद्र कुमार, IPS कर रहे हैं। अन्य सदस्यों में कनवरदीप कौर, IPS, सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस, UT चंडीगढ़; KM प्रियांका, IPS, SP/सिटी; चरणजीत सिंह वीरक, CPS, DSP/ट्रैफिक; गुरजीत कौर, CPS, SDPO/साउथ; और इंस्पेक्टर जैवीर सिंह राणा, SHO/PS-11 (वेस्ट), नंबर 693/CHG शामिल हैं।
जानकारी के मुताबिक, घटना के तीन दिन बाद भी पूरन कुमार का अंतिम संस्कार नहीं हो सका है। उनके शव का पोस्टमार्टम शुक्रवार को किया जाएगा। परिवार की सहमति से अब PGI के डॉक्टरों का मेडिकल बोर्ड गठित किया जाएगा, क्योंकि पहले सेक्टर-32 के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का बोर्ड परिवार को स्वीकार्य नहीं था। इस बीच, वाई पूरन कुमार की बड़ी बेटी अमेरिका से चंडीगढ़ पहुंच गई। घटना से जुड़े मामलों में पुलिस ने वाई पूरन कुमार की पत्नी की शिकायत पर FIR दर्ज की है।
इन अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज
शिकायत के आधार पर हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर, रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजरनिया समेत कुल 15 वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। शिकायत में इन अधिकारियों पर मानसिक उत्पीड़न और दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। FIR में 3 IAS और 12 IPS अधिकारियों को नामजद किया गया है। अधिकारियों में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, पूर्व मुख्य सचिव टी.वी.एस.एन. प्रसाद, पूर्व एसीएस राजीव अरोड़ा, डीजीपी शत्रुजीत कपूर, पूर्व डीजीपी मनोज यादव, पूर्व डीजीपी पी.के. अग्रवाल, प्रिंसिपल सेक्रेटरी कला रामचंद्रन, एडीजीपी संदीप खिर्वर, एडीजीपी अमिताभ ढिल्लों, एडीजीपी संजय कुमार, एडीजीपी माता रवि किरण, आईपीएस शिवास कविराज, आईजी पंकज नैन, आईजी कुलविंदर सिंह और रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजरनिया शामिल हैं। सभी के नाम सुसाइड नोट में भी उल्लेखित हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद चंडीगढ़ पुलिस अब इस पूरे मामले की विस्तार से जांच कर रही है।
