Chandigarh News: करीब तीन साल के इंतजार के बाद चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को मॉर्डन लुक देने के लिए निर्माण कार्य शुरू हो गया है। निर्माण कार्य का ठेका प्राप्त करने वाली कंपनी ने स्टेशन परिसर पर जगह-जगह बोरिंग कर मिट्टी के नमूने लेने शुरू कर दिए हैं। इन नमूनों की जांच से स्टेशन की मिट्टी की गुणवत्ता को परखा जाएगा। जिसके आधार पर भवनों के फाउंडेशन और डिजाइन तैयार किया जाएगा। चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन का यह निर्माण कई मायनों में बेहद खास होने वाला है। इसका निर्माण लाइट हाउस प्रोजेक्ट के तहत किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के सफल होने पर यह पूरे देश में अत्याधुनिक तकनीक से तैयार होने वाला भारत का पहला रेलवे स्टेशन बन जाएगा। इसके बाद देश के दूसरे स्टेशनों को भी इसी तकनीक से विकसित किया जाएगा।
दरअसल, चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन का निर्माण मॉड्यूलर कांसेप्ट पर किया जाएगा। इसे ही लाइट हाउस प्रोजेक्ट कहते हैं। इसमें भवन निर्माण से जुड़े तमाम बीम, कालम और पैनल आदि का निर्माण दूसरी जगहों पर किया जाता है और फिर उन्हें लाकर प्रोजेक्ट साइट पर एक दूसरे के साथ जोड़ दिया जाता है। इस तरह से कार्य करने पर स्टेशन के ऑपरेशनल कार्य पर किसी भी तरह का प्रभाव नहीं पड़ेगा। स्टेशन से होकर आने-जाने वाली ट्रेनों का संचालन पहले की तरह ही किया जाएगा। इसका एक फायदा यह भी है कि, निर्माण की अवधि और लागत दोनों कम हो जाती है। अभी तक इस तकनीक का उपयोग बड़े-बड़े फ्लाईओवर और पुलों को बनाने में होता रहा है। इसका उपयोग पहली बार किसी रेलवे स्टेशन को बनाने में किया जाएगा।
