चण्डीगढ़

Chandigarh: चंडीगढ़ रेलवे स्‍टेशन का लाइट हाउस प्रोजेक्ट से होगा निर्माण, बनेगा देश का पहला स्‍टेशन

  • Reported by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 11, 2022, 06:54 PM IST

Chandigarh News: चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को मॉर्डन लुक‍ देने का कार्य शुरू हो गया है। इस स्‍टेशन को लाइट हाउस प्रोजेक्ट के तहत 15 माह में विकसित किया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्‍ट पर 462 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रोजेक्‍ट पूरा होने के बाद यह पूरे देश में अत्याधुनिक तकनीक से तैयार होने वाला भारत का पहला रेलवे स्टेशन बन जाएगा।

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चंडीगढ़ रेलवे स्‍टेशन के बाहर का दृश्‍य

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • लाइट हाउस प्रोजेक्ट के तहत विकसित होने वाला देश का पहला स्‍टेशन
  • 15 माह में 462 करोड़ रुपये खर्च कर विकसित होगा चंडीगढ़ स्‍टेशन
  • निर्माण कार्य के दौरान ऑपरेशनल सेवाओं पर नहीं पड़ेगा कोई असर

Chandigarh News: करीब तीन साल के इंतजार के बाद चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को मॉर्डन लुक‍ देने के लिए निर्माण कार्य शुरू हो गया है। निर्माण कार्य का ठेका प्राप्‍त करने वाली कंपनी ने स्‍टेशन परिसर पर जगह-जगह बोरिंग कर मिट्टी के नमूने लेने शुरू कर दिए हैं। इन नमूनों की जांच से स्‍टेशन की मिट्टी की गुणवत्ता को परखा जाएगा। जिसके आधार पर भवनों के फाउंडेशन और डिजाइन तैयार किया जाएगा। चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन का यह निर्माण कई मायनों में बेहद खास होने वाला है। इसका निर्माण लाइट हाउस प्रोजेक्ट के तहत किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के सफल होने पर यह पूरे देश में अत्याधुनिक तकनीक से तैयार होने वाला भारत का पहला रेलवे स्टेशन बन जाएगा। इसके बाद देश के दूसरे स्‍टेशनों को भी इसी तकनीक से विकसित किया जाएगा।

दरअसल, चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन का निर्माण मॉड्यूलर कांसेप्ट पर किया जाएगा। इसे ही लाइट हाउस प्रोजेक्ट कहते हैं। इसमें भवन निर्माण से जुड़े तमाम बीम, कालम और पैनल आदि का निर्माण दूसरी जगहों पर किया जाता है और फिर उन्‍हें लाकर प्रोजेक्ट साइट पर एक दूसरे के साथ जोड़ दिया जाता है। इस तरह से कार्य करने पर स्‍टेशन के ऑपरेशनल कार्य पर किसी भी तरह का प्रभाव नहीं पड़ेगा। स्‍टेशन से होकर आने-जाने वाली ट्रेनों का संचालन पहले की तरह ही किया जाएगा। इसका एक फायदा यह भी है कि, निर्माण की अवधि और लागत दोनों कम हो जाती है। अभी तक इस तकनी‍क का उपयोग बड़े-बड़े फ्लाईओवर और पुलों को बनाने में होता रहा है। इसका उपयोग पहली बार किसी रेलवे स्‍टेशन को बनाने में किया जाएगा।

वर्ष 2053 तक की जरूरतों को ध्‍यान में रखकर बनाया जा रहा यह स्‍टेशन

चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को मॉर्डन लुक देने के लिए 15 माह का समय निर्धारित किया गया है। इस पूरे प्रोजेक्‍ट पर 462 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस पूरे प्रोजेक्‍ट में स्टेशन पर पंचकूला और चंडीगढ़ की तरफ यात्रियों के लिए 15-15 रिजर्वेशन काउंटर, 27 लिफ्ट और 11 एस्कलेटर बनाए जाएंगे। इसके अलावा अंडरग्राउंट वाहन पार्किंग, मिनी मॉल, मॉर्डन वेटिंग एरिया भी बनाया जाएगा। इस स्‍टेशन को प्रतिदिन 90 हजार यात्री क्षमता और वर्ष 2053 तक की सभी जरूरतों को ध्‍यान में रखकर विकसित किया जाएगा। प्रोजेक्ट में जितना भी कंस्ट्रक्शन होगा, वह ग्रीन बिल्डिंग की प्लेटिनम रेटिंग के आधार पर होगी।
टाइम्स नाउ नवभारत
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