Cyber Crime in Haryana : हरियाणा पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने फर्जी डॉक्यूमेंट्स से जारी हो चुके करीब 20,545 मोबाइल नंबर्स को को ब्लॉक करवाया है। पुलिय ने बताया है कि हरियाणा का जामताड़ा घोषित बन चुके मेवात में 40 गांवों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक ज्यादातर ब्लॉक किए गए सिम कार्ड आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और दिल्ली से जारी किए गए थे। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, नूंह जिले के 40 हॉटस्पॉट गांवों सहित राज्य भर में चल रहे साइबर धोखाधड़ी में शामिल कुल 34,000 मोबाइल नंबरों की पहचान की गई है। इसके अलावा साइबर धोखाधड़ी में शामिल बचे हुए करीब 14,000 मोबाइल नंबरों को भी जल्द ही भारत सरकार के माध्यम से ब्लॉक कर दिया जाएगा।
मामले पर पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हाल ही में 5,000 कर्मियों वाली 102 टीमों ने नूंह के 14 साइबर क्राइम हॉटस्पॉट गांवों में छापेमारी की थी। तब पता चला कि सबसे ज्यादा मोबाइल नंबर आंध्र प्रदेश से जारी हुए हैं और इनका प्रयोग हरियाणा समेत आसपास के कई जिलों में साइबर क्राइम के लिए किया जा रहा है। वर्तमान में फर्जी आईडी पर जारी किए गए मोबाइल नंबरों में 12,822 आंध्र प्रदेश से, 4,365 पश्चिम बंगाल से, 4,338 दिल्ली से, 2,322 असम से और 2,490 हरियाणा से जारी किए गए थे। इन नंबरों को ब्लॉक करने के लिए दूरसंचार विभाग को जानकारी भी दी जा चुकी है।
पुलिस ने उठाए हैं ये कदम
हरियाणा पुलिस में क्राइम ब्रांच के प्रमुख और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने बताया है कि 40 अत्यधिक कुशल साइबर पुलिस कर्मियों की एक टीम है, जिन्हें 'हेल्पलाइन 1930' पर तैनात किया गया है। ये टीम रिपोर्ट की गई घटनाओं को दर्ज कर उससे जुड़े हुए डाटा का एकत्रित करने का काम करेगी। संदिग्ध मोबाइल नंबरों को ब्लॉक करने के लिए साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों को तुरंत पोर्टल पर अपडेट किया जाता है। उन्होंने बताया है कि साइबर धोखाधड़ी रोकने के लिए हरियाणा राज्य साइबर समन्वय केंद्र की स्थापना भी की गई है और स्टेट क्राइम ब्रांच में डीआईजी के पद पर कार्यरत आईपीएस अधिकारी हामिद अख्तर को इसका नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि जिले में साइबर क्राइम में शामिल मोबाइल नंबरों के प्रोफार्मा के अनुसार साइबर नोडल संस्था को सूचित करें ताकि उन सभी नंबरों को साइबर क्राइम पोर्टल पर अपलोड किया जा सके। जैसे ही मोबाइल नंबर पोर्टल पर अपलोड होंगे उस नंबर को ब्लॉक या डिएक्टिवेट कर दिया जाएगा।
