चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में शनिवार को एक पुरानी व्यावसायिक इमारत की छत अचानक भरभराकर गिर गई। इस बड़े हादसे में मलबे के नीचे दबने से दो लोगों की मौत हो गई है, जबकि निर्माण कार्य में लगे पांच मजदूरों को कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। मृतकों की पहचान तरुण जैन और तरुण कौशिक के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मेरठ (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले थे और आपस में रिश्तेदार थे।
शोरूम खोलने के लिए कराया जा रहा था रेनोवेशन
जानकारी के मुताबिक, करीब 54 साल पुरानी इस दो मंजिला इमारत के प्लॉट को कुछ ही दिन पहले तीन-चार पार्टनर्स ने किराए पर लिया था। वे यहां मोटरसाइकिल का एक नया डीलरशिप शोरूम खोलने की योजना बना रहे थे और इसी सिलसिले में पिछले कुछ दिनों से बिल्डिंग में रिनोवेशन का काम चल रहा था। शनिवार शाम करीब 4:30 बजे जब मजदूर काम कर रहे थे, तभी अचानक पूरी इमारत ढह गई।
NDRF और प्रशासन का साढ़े 5 घंटे चला रेस्क्यू
बिल्डिंग गिरने की सूचना मिलते ही चंडीगढ़ प्रशासन, स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड और नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। मलबे को हटाने और फंसे लोगों को निकालने के लिए JCB मशीनों और आधुनिक कटर का इस्तेमाल कर युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
शुरुआती दौर में ही मलबे में दबे पांच मजदूरों को सिविल डिफेंस और स्थानीय टीमों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। सुरक्षित बचाए गए मजदूरों के नाम कुलदीप, कुलबीर, उमेश, राहुल और अजीत हैं। हादसे के तुरंत बाद उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH), सेक्टर-32 भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत स्थिर और खतरे से बाहर बताई है।
लगभग साढ़े पांच घंटे तक चले इस कड़े संयुक्त बचाव अभियान के बाद रात करीब 9:30 से 10:00 बजे के बीच मलबे में सबसे नीचे दबे दोनों पार्टनर्स (तरुण जैन और तरुण कौशिक) को बाहर निकाला गया। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
