Brass City: भारत का हर एक शहर अपने आप में कई इतिहास समेटे हुए है। उन्हीं में से एक नाम यूपी के मुरादाबाद का भी है। मुरादाबाद पूरी दुनिया में पीतल नगरी के नाम से मशहूर है। यहां बने पीतल के उत्पाद देशभर में फेमस हैं। इतना ही नहीं यहां के पीतल से बने उत्पाद विदेशों में भी एक्सपोर्ट किए जाते हैं। जी हां, इस शहर के कारोबार का जादू अमेरिका से लेकर यूरोप तक में फैला हुआ है। यहां पीतल पर बने सुंदर नक्काशी इन्हें और ज्यादा खूबसूरत और आकर्षित बना देते हैं।
मुरादाबाद में पीतल से बनें तरह-तरह के उत्पाद, सुंदर-सुंदर प्रतिमाएं बहुत ही शानदार होती हैं। ये देखने में जितने खूबसूरत होते हैं, इनकी क्वालिटी भी उतनी ही बेहतरीन होती है। यही वजह कि यह पीतल की नगरी के नाम से जाना जाता है। वहीं इसके आकर्षक उत्पादों की डिमांड बाहर के कई देशों में भी है। तो आइए आज जानते हैं इस शहर के खासियत के बारे में।
क्या है इसका इतिहास?
उत्तर प्रदेश सरकार की एक जिला-एक उत्पाद योजना के तहत मुरादाबाद को पीतल नगरी के नाम से जाना जाने लगा। यहां बनाए गए पीतल के उत्पाद भारतीय संस्कृति, विविधता, विरासत और इतिहास को दर्शाते हैं। यहां कई छोटे- छोटे उद्योग हैं, जो पीतल के उत्पाद बनाते हैं तो वहीं बड़ी-बड़ी फैक्ट्री भी हैं, जो इन उत्पादों को बनाने का काम करती हैं। यहां पीतल से बनी देवी-देवताओं की खूबसूरत और मनमोहक प्रतिमाएं मिलती हैं।
मुरादाबाद के कारीगर
इस शहर की लगभग 47% आबादी मुस्लिम है। कारीगरी और मैन्युफेक्चरिंग की बात की जाएं तो ऐसा माना जाता है कि पीतल के उत्पादों में मुस्लिम कारीगरों का दबदबा रहा है। वर्तमान में मुरादाबाद में पीतल के लगभग 4,000 निर्यातक हैं, जिनमें से अधिकांश हिंदू हैं।
अमेरिका-यूरोप में बढ़ रही डिमांड
इस नगरी में बनाए जाने वाले प्रोडक्ट न सिर्फ भारत में बल्कि अमेरिका और यूरोप जैसे महाद्वीप में भी भेजे जाते हैं। अगर पीतल नगरी उद्योग के टर्न ओवर की बात करें तो यह 8,000-9,000 करोड़ रुपये है। हालांकि पहले इसका टर्नऑवर ज्यादा था।
