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पुणे में MPSC छात्रों के आंदोलन पर बॉम्बे हाईकोर्ट का नोटिस, कल होगी सुनवाई

पुणे के एक नागरिक ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर शहर में चल रहे आंदोलनों को लेकर हस्तक्षेप की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों को मौजूदा स्थानों से हटाया जाए और विरोध-प्रदर्शन के लिए एक निर्धारित जगह तय की जाए। इसके साथ ही आंदोलन के आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग भी की गई है।

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बॉम्बे हाईकोर्ट (फाइल फोटो)

पुणे में महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया को लेकर चल रहा छात्रों का आंदोलन अब बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंच गया है। आंदोलन को लेकर दाखिल याचिका पर अदालत ने महाराष्ट्र सरकार, पुणे पुलिस और प्रदर्शन के आयोजकों को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई बुधवार सुबह 10:30 बजे बॉम्बे हाईकोर्ट में होगी।

आंदोलनकारियों को हटाने और तय जगह देने की मांग

पुणे के एक नागरिक ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर शहर में चल रहे आंदोलनों को लेकर हस्तक्षेप की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों को मौजूदा स्थानों से हटाया जाए और विरोध-प्रदर्शन के लिए एक निर्धारित जगह तय की जाए। इसके साथ ही आंदोलन के आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग भी की गई है। अदालत की ओर से पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार और पुलिस उपायुक्त समेत तीन प्रमुख आंदोलन आयोजकों प्रमोद पाटील, नितीन आंधळे और चेतन वाघज को भी नोटिस जारी किया गया है।

पुलिस ने अनुमति देने से किया इनकार

पुणे पुलिस का कहना है कि शहर में चल रहे इन आंदोलनों को अनुमति नहीं दी गई है। पुलिस ने इन्हें अवैध बताते हुए प्रदर्शन जारी रखने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। पुलिस प्रशासन ने 51 छात्रों के अलावा 29 निजी कोचिंग क्लास और स्टडी रूम संचालकों को भी नोटिस जारी किया है। पुलिस के मुताबिक, बिना अनुमति प्रदर्शन जारी रहने पर आयोजकों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जा सकते हैं।

इन जगहों पर कई दिनों से प्रदर्शन

MPSC से जुड़े छात्र पुणे के एस.एम. जोशी ब्रिज, अलका टॉकीज चौक और शास्त्री रोड समेत अलग-अलग स्थानों पर कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की मांगें भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा के प्रारूप और आयु सीमा से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित हैं।

पेपर लीक के बाद पारदर्शी भर्ती की मांग

ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक के आरोपों के बाद छात्र भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी MPSC के अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे की भी मांग कर रहे हैं। इससे पहले राज्य सरकार आयोग के सचिव महेंद्र हरपालकर को पद से हटा चुकी है। इसके अलावा छात्र परीक्षा के पैटर्न में बदलाव और PSI भर्ती के लिए आयु सीमा बढ़ाने की मांग को लेकर भी आंदोलन कर रहे हैं।

विपक्षी नेताओं का समर्थन

इस आंदोलन को विपक्षी नेताओं का भी समर्थन मिला है। NCP (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार समेत अन्य विपक्षी नेता छात्रों की मांगों के समर्थन में सामने आए हैं। अब हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद इस पूरे मामले में अदालत का रुख महत्वपूर्ण होगा।

atul. Singh
अतुल सिंहauthor

मैं अतुल सिंह,मैं 14 वर्षों से अधिक समय से टीवी पत्रकारिता में विभिन्न क्षेत्रों को खबरों को कवर करने वाला अनुभवी पत्रकार हूं। वर्तमान में Times Now नवभारत के लिए principal correspondent हूं। मैंने इंडिया टीवी, ज़ी न्यूज़,IBN 7 (न्यूज़ 18),Lemon न्यूज़ जैसे प्रमुख मीडिया संगठनों के साथ भी काम किया है। मनोरंजन,नागरिक मुद्दे ,इंफ्रा,राजनीति,आम और विधानसभा चुनाव और अपराध जैसे विषयों को बखूबी कवर किया है। वर्तमान में मुम्बई ब्यूरो से जुड़ा हुआ हूं। कई राष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े कई विशेष खबरें भी कवर किया है।

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