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रतलाम : आलोट सरकारी अस्पताल में डॉक्टर से मारपीट, CCTV में कैद हुई दबंगई; हिरासत में दो आरोपी

मध्य प्रदेश के रतलाम स्थित आलोट में सरकारी अस्पताल के अंदर डॉक्टर के साथ मारपीट का सीसीटीवी वीडियो सामने आया है, जिसमें उसके साथ कुछ युवक मारपीट करते नजर आ रहे हैं।

रतलाम : जिले के आलोट में सरकारी अस्पताल के अंदर डॉक्टर के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घायल मरीज को मेडिकल कॉलेज रतलाम रेफर करने की बात पर भड़के कुछ लोगों ने बीएमओ डॉ. देवेंद्र कुमार मौर्य के साथ गाली-गलौज करते हुए जमकर मारपीट कर दी। पूरी घटना अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

रेफर घायल पहुंचा था रतलाम हॉस्पिटल

दरअसल सोमवार रात सड़क दुर्घटना में घायल मुमताज नामक युवक को आलोट के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद ड्यूटी डॉक्टर ने उसे बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज रतलाम रेफर कर दिया।

डॉक्टर की बात से नाराज हुए युवक

जानकारी के अनुसार बीएमओ डॉ. देवेंद्र कुमार मौर्य को फोन कर आईसीयू में मरीज को देखने बुलाया। डॉ. मौर्य ने मरीज की स्थिति देखकर उसे तत्काल रतलाम मेडिकल कॉलेज ले जाने की सलाह दी। इसी बात से नाराज होकर अमजद और उसके साथियों ने डॉक्टर के साथ अभद्रता शुरू कर दी और फिर उनके साथ मारपीट की।

तीमारदारों ने डॉक्टर के साथ की मारपीट

ASP विवेक कुमार ने बताया कि जैसे ही पुलिस को इसकी सूचना मिली पुलिस ने मामला दर्ज कर दो आरोपियों को राउंडअप कर लिया है और आगे की कार्रवाई जारी। एएसपी विवेक कुमार ने बताया कि प्रथमदृष्टया मामला घायल व्यक्ति को रतलाम मेडिकल कॉलेज रेफर करने से नाराज युवकों ने डॉक्टर के साथ मारपीट की है पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है और जो भी साक्ष्य सामने आएंगे उनके आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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