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कलेक्टर के पैरों में गिरीं मां-बेटी, आंचल फैलाकर मांगी न्याय की भीख; दबंगों ने बेटी से किया था गंदा काम

मध्य प्रदेश के जबलपुर में दबंगों से परेशान होकर एक मां-बेटी न्याय की गुहार लगाने कलेक्ट्रेट पहुंचीं। दोनों भावुक होकर कलेक्टर के सामने जमीन पर बैठ गईं और सुरक्षा व न्याय की भीख मांगी।

जबलपुर : कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक महिला और उसकी बेटी ने न्याय की उम्मीद में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के सामने साड़ी का आंचल फैला दिया। पीड़िता और उसकी बेटी ने कलेक्टर के पैरों में गिरकर दबंगों से अपनी जान और सम्मान की सुरक्षा की गुहार लगाई।

पीड़िता पूजा दुबे, जो घमापुर थाना क्षेत्र की निवासी हैं, ने बताया कि वे लंबे समय से पड़ोस में रहने वाले एक दबंग परिवार (भागवती बेन और उनके परिजनों) से प्रताड़ित हैं। पूजा दुबे ने आरोप लगाया कि ये लोग उन्हें लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं।

बेटी से छेड़छाड़ का आरोप

मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब पीड़िता ने बताया कि मार्च 2026 में भागवती बेन नाम के युवक ने उनकी बेटी के साथ न केवल छेड़खानी की, बल्कि उसके कपड़े फाड़कर उसे निर्वस्त्र तक कर दिया। हैरानी की बात यह है कि पीड़िता का आरोप है कि घटना के तीन महीने बीत जाने के बाद भी घमापुर पुलिस ने आरोपियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जबकि उनके पास सबूत भी मौजूद हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता की बेटी UPSC (संघ लोक सेवा आयोग) की तैयारी कर रही है। एक ओर जहाँ वह अपने भविष्य को सँवारने के लिए पढ़ाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर दबंगों के डर ने उसकी शिक्षा और जीवन पर संकट पैदा कर दिया है।

कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश

जनसुनवाई के दौरान अचानक हुई इस घटना से कलेक्टर राघवेंद्र सिंह असहज हो गए। उन्होंने तुरंत मां-बेटी को ढांढस बंधाया और मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग और पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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