केरल का नाम बदलने की BJP के राजीव चंद्रशेखर की मांग, नए नाम के लिए PM और CM को लिखा पत्र
- Edited by: varsha kushwaha
- Updated Jan 13, 2026, 03:15 PM IST
बीजेपी के केरल प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य के नाम बदलकर केरलम करने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ राज्य के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने पारंपरिक, भाषाई और सांस्कृतिक गौरव की बहाली की बात की।
केरल का नाम बदलने की BJP के राजीव चंद्रशेखर की मांग (Photo- Facbeook)
भारतीय जनता पार्टी के केरल प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने केरल का नाम बदलने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा। पीएम को लिखे गए पत्र के अनुसार, राज्य का आधिकारिक नाम 'केरल' से बदलकर 'केरलम' करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि 'केरलम' नाम मलयालम भाषा और राज्य की सांस्कृतिक पहचान से गहराई से जुड़ा हुआ है। राजीव चंद्रशेखर ने पत्र में यह भी बताया कि जून 2024 में केरल विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें राज्य के नाम को आधिकारिक दस्तावेजों में 'केरल' से बदलकर 'केरलम' करने की मांग की गई है।
पीएम के साथ सीएम को भी लिखा पत्र
न्यूज एजेंसी आईएएनएस के अनुसार, चंद्रशेखर ने यह भी बताया कि उन्होंने केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को भी पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा से इस महान राज्य को, जो अपनी समृद्ध परंपरा और संस्कृति का प्रतीक है, 'केरलम' के रूप में ही देखती आई है। पार्टी की विचारधारा पारंपरिक, भाषाई और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और सम्मान पर आधारित है।
सांस्कृतिक विरासत को संजोने और पुनर्जीवित करने की उम्मीद
प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में राजीव चंद्रशेखर ने उम्मीद जताई कि राज्य का नाम बदलने के बाद सभी राजनीतिक दल मिलकर केरलम की हजारों साल पुरानी सांस्कृतिक विरासत को संजोने और पुनर्जीवित करने के लिए काम करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस पहल से एक विकसित और सुरक्षित केरलम का निर्माण संभव होगा, जहां सभी मलयाली (चाहे वे किसी भी धर्म से हों) अपनी आस्था और परंपराओं को लेकर सुरक्षित और सम्मानित महसूस कर सकें।
धर्म के आधार पर राज्य को बांटने का प्रयास कमजोर पड़ेगा
राजीव चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि राज्य का नाम 'केरलम' रखने से उन कट्टरपंथी तत्वों के प्रयासों को कमजोर किया जा सकेगा, जो धर्म के आधार पर राज्य को बांटने और अलग-अलग जिले बनाने की मांग करते रहते हैं। उनके अनुसार, अपनी ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा केरलम, समाज को जोड़ने का काम करेगा। पत्र में उन्होंने स्पष्ट रूप से प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि मलयालम भाषा में निहित और विशिष्ट नाम 'केरलम' को ही राज्य का आधिकारिक नाम सुनिश्चित किया जाए। राजीव चंद्रशेखर ने विश्वास जताया कि अपनी गौरवशाली विरासत से जुड़ा 'केरलम' भविष्य में सभी मलयालियों के लिए एक उज्ज्वल, समृद्ध और सुरक्षित राज्य के रूप में आगे बढ़ेगा।
(इनपुट - आईएएनएस)
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