ंGujarat News: गुजरात के आणंद जिले के आंकलाव में आयोजित एक सार्वजनिक बैठक में सांसद मितेशभाई पटेल के बयान ने सियासी माहौल को गर्मा दिया है। डिप्टी चीफ मिनिस्टर की मौजूदगी में दिए गए इस बयान में सांसद ने साफ तौर पर कहा कि अगर कांग्रेस एक भी सीट जीतती है, तो उस क्षेत्र को ग्रांट नहीं दी जाएगी। सांसद ने अपने भाषण में कहा कि, “अगर कांग्रेस जिला पंचायत या तालुका पंचायत में एक भी सीट जीतती है, तो हम उसे एक भी रुपये की ग्रांट नहीं देंगे। मैं खुद यह सुनिश्चित करूंगा कि कोई फंड न जाए।” उन्होंने पिछली घटनाओं का जिक्र करते हुए दावा किया कि पहले भी कुछ क्षेत्रों में ग्रांट रोकी गई थी, जिसके चलते स्थानीय प्रतिनिधियों को परेशानी का सामना करना पड़ा था।
राजनीतिक विवाद हुआ तेज
साथ ही उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं के समर्थन में खड़े रहने और विपक्ष को “वॉशआउट” करने की बात भी कही। इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक विवाद तेज हो गया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे सत्ता का अहंकार और जनता के साथ अन्याय बताया। चावड़ा ने कहा कि, “जनता के टैक्स के पैसे से मिलने वाली ग्रांट को रोकने की धमकी देना पूरी तरह गलत है। यह पैसा किसी नेता का निजी नहीं, बल्कि जनता का है। चुने हुए प्रतिनिधियों का काम विकास करना है, न कि वोट के आधार पर भेदभाव करना।” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि इस तरह की बयानबाजी पहली बार नहीं हो रही है और पहले भी कई नेताओं द्वारा वोट के बदले विकास की शर्तें रखी गई हैं। चावड़ा ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से भी इस पर स्पष्ट रुख लेने की मांग की है।
बीजेपी सांसद मितेश पटेल ने क्या कहा?
मुझे याद है कि पिछली बार चुनाव था और जब 20 तालुका पंचायतों में से साहब, हमारी सात तालुका पंचायतें आई थीं, तीन तालुका पंचायतें हमें खोनी पड़ी थीं। और तालुका पंचायत के मेरे सदस्य यहां बैठे हुए हैं जो जीते थे। साहब, उनकी आंखों में आंसू आ गए थे। तालुका पंचायत के प्रमुख कांग्रेस के थे, उनसे ग्रांट (अनुदान) लिखवाई गई थी साहब, और ग्रांट दी नहीं। मेरे तालुका पंचायत के सदस्य उनके मत विस्तार में साहब, विश्वास देकर आए थे कि हम आपको ग्रांट देंगे। साहब, वो मेरे पास आए, उनकी आंखों में आंसू आ गए थे, वो देखकर मैंने अपनी ग्रांट में से उन लोगों को ग्रांट दी और उनके विश्वास के काम, जो उन्होंने वचन दिए थे, वो वचन सारे ही पूर्ण करवाए। साहब, हमारे भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आंकलाव में जो मेहनत की है, और जिसे हम अमित चावड़ा का गढ़ कहते हैं, उसमें भारतीय जनता पार्टी का जिसने कमल खिलाया हो, तो एक सांसद नहीं पर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता के तौर पर मैं उनके साथ खड़ा रहा हूं और खड़ा रहूंगा। और इस बार भी, उनको जितने भी... हम तो उन्हें वॉशआउट (Washout) करेंगे ही, पर जो शायद एक आध भी जीता न, उसे हम एक भी रुपये की ग्रांट नहीं देंगे। मैं आपको यहां से कहता हूं कि एक भी रुपये की हम ग्रांट नहीं देंगे।
कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा ने कही ये बात
सत्ता के नशे में अहंकारी भाजपा के नेता, विधायक और सांसद बेकाबू वाणी-विलास कर रहे हैं। कल ही आणंद जिले में राज्य के उपमुख्यमंत्री की उपस्थिति में आणंद के सांसद ने बेकाबू वाणी-विलास किया और धमकी देते हुए भाषण दिया कि यदि कांग्रेस की एक भी सीट आएगी, तो उस पूरे तालुका को हम ग्रांट (अनुदान) नहीं देंगे। पूरे तालुका के लोगों को ग्रांट न देने की जो धमकी दे रहे हैं, यह कोई पहली घटना नहीं है। पहले भी भाजपा के कई नेता और विधायक इस तरह की धमकियां दे चुके हैं कि यदि भाजपा को वोट नहीं दोगे, तो तुम्हारे क्षेत्र में विकास नहीं होगा, ग्रांट नहीं मिलेगी, और तुम्हें किसी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। मैं उन नेताओं से कहना चाहता हूं कि आप जनता के वोटों से चुने गए हैं। आप जनता के पसीने की कमाई (टैक्स) से वेतन ले रहे हैं। जनता के पसीने की कमाई से राज्य सरकार का बजट बनता है और उसी बजट से विकास की ये ग्रांट आती हैं। आज यदि मैं विधायक हूं, तो मुझे जो वेतन मिलता है, वह गुजरात की जनता के टैक्स का पैसा है। मुझे जो ग्रांट मिलती है, वह गुजरात की जनता के टैक्स के पैसे से बने बजट से मिलती है। विकास कार्यों के लिए जो राशि आवंटित की जाती है, वह भी जनता की है। किसी के घर से या किसी के पिता का पैसा नहीं है। जनता के पैसे से प्रशासन चलाने वाले चौकीदार के रूप में चुने हुए प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में आणंद के सांसद वाणी-विलास करते हैं कि आंकलाव तालुका में भाजपा की सीट आएगी तभी काम होगा, बाकी लोगों को ग्रांट नहीं देंगे। क्या आप लोगों को विकास से वंचित रखना चाहते हैं? भेदभाव करना चाहते हैं? विकास के नाम पर धमकियां देकर वोट लेना चाहते हैं?
जनता अतीत में भी जवाब दे चुकी है और आने वाले दिनों में भी जवाब देगी। मैं राज्य के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहना चाहता हूं कि आपके विधायक, सांसद और नेता इस तरह जनता को धमकियां दे रहे हैं, क्या आप इससे सहमत हैं? क्या उन्हें आपका समर्थन प्राप्त है? गुजरात की जनता बहुत समझदार और चतुर है। आप जनता के पसीने की कमाई से वेतन लेते हैं, टैक्स के पैसे से ग्रांट पाते हैं और उसी ग्रांट को आवंटित करने के लिए धमकियां देते हैं! विकास के नाम पर वोट लेने की कोशिश करने वालों को आने वाली 26 तारीख को गुजरात की जनता जवाब देगी। उनकी अक्ल ठिकाने लगाएगी। मैं उन नेताओं से भी कहना चाहता हूं कि अपना अहंकार छोड़ दें और सत्ता के नशे से बाहर आएं। यह आपके घर का पैसा नहीं है, यह जनता का पैसा है और इसे जनता के विकास के लिए ही उपयोग किया जाना चाहिए। आप इसमें कोई दान-पुण्य नहीं कर रहे, आप बस एक सिस्टम का हिस्सा हैं। धमकियों से जनता डरने वाली नहीं है। खासकर आंकलाव की बात करें, तो वह पूरा क्षेत्र बहुत जागरूक है। वहां के लोग शायद आर्थिक रूप से उतने सक्षम न हों, लेकिन राजनीतिक समझ रखने वाले लोग हैं। आपकी ऐसी खोखली धमकियों और भाषणों से कोई डरने वाला नहीं है। आने वाली 26 तारीख को आंकलाव और गुजरात की जनता इस अहंकारी शासन को करारा जवाब देगी।
