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बीकानेर : जासूसी नेटवर्क या बड़ी साजिश? सेना क्षेत्र में 10 फुट लंबी संदिग्ध गुफा से हड़कंप; मिलिट्री इंटेलिजेंस सतर्क

मिलिट्री इंटेलिजेंस के हवाले से इस गुफा के अंदर 23 मार्च के अखबार में लिपटी चार रोटियां भी मिलीं। इससे यह आशंका और गहरा गई है कि इस स्थान का इस्तेमाल हाल ही में किया गया हो सकता है।

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बीकानेर में सेना क्षेत्र के पास मिली संदिग्ध गुफा

बीकानेर में सेना क्षेत्र के पास एक संदिग्ध गुफा मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। मिलिट्री इंटेलिजेंस (Military Intelligence) की सतर्कता के चलते इस टनलनुमा संरचना का समय रहते खुलासा हो गया, जिससे संभावित सुरक्षा खतरे को टालने में मदद मिली है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह करीब 10 फुट लंबी गुफा सैन्य क्षेत्र की परिधि के बेहद नजदीक बनाई गई थी। इतनी संवेदनशील जगह के पास इस तरह की संरचना का मिलना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। जांच के दौरान मौके से कई संदिग्ध सामान भी बरामद किए गए हैं, जिनमें हेडफोन्स, बिजली के तार और अन्य तकनीकी उपकरण शामिल हैं। ये सभी चीजें किसी सुनियोजित गतिविधि की ओर इशारा करती हैं।

चार रोटियां मिलीं

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इस गुफा के अंदर 23 मार्च के अखबार में लिपटी चार रोटियां भी मिलीं। इससे यह आशंका और गहरा गई है कि इस स्थान का इस्तेमाल हाल ही में किया गया हो सकता है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर इस गुफा को किसने और क्यों बनाया। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या इसके पीछे किसी तरह का जासूसी नेटवर्क या बड़ी साजिश तो नहीं है। जांच एजेंसियां इस पहलू पर भी ध्यान दे रही हैं कि सैन्य क्षेत्र के इतने करीब इस तरह की गतिविधि कैसे संभव हो पाई और इसमें किसी स्थानीय या बाहरी सहयोग की भूमिका तो नहीं है।

मिलिट्री इंटेलीजेंस की त्वरित कार्रवाई को सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। समय रहते इस संदिग्ध गुफा का पता लग जाना एक संभावित खतरे को टालने जैसा है। एहतियात के तौर पर पूरे इलाके में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है और हर एंगल से जांच जारी है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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