Bihar Weather Alert: बिहार में चिलचिलाती गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। प्री-मानसून की सक्रियता और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण राज्य के कई हिस्सों में बादलों का डेरा है। रविवार को पटना, गया और नवादा में हुई हल्की बूंदाबांदी ने जहां पारे को थोड़ा नीचे गिराया है, वहीं सोमवार यानी 6 अप्रैल को राज्य के कई जिलों में भारी आंधी-तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश में 'येलो' और 'ऑरेंज' अलर्ट जारी किया है।
बिहार के 6 जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' (Bihar IMD Orange Alert Today)
मौसम विभाग ने सोमवार को दक्षिण बिहार के छह जिलों, बक्सर, भोजपुर, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास और कैमूर के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी ओले गिरने (Hailstorm) होने की प्रबल संभावना है। IMD का मानना है कि ओले गिरने से फसलों और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए इन जिलों के निवासियों को विशेष सावधानी बरतने और खराब मौसम के दौरान घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई है।
पटना समेत 26 जिलों में 'येलो अलर्ट' (Bihar IMD Yellow Alert Today)
राजधानी पटना सहित प्रदेश के 26 अन्य जिलों में 'येलो अलर्ट' प्रभावी है। इनमें पश्चिमी और पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, गया, भागलपुर और पूर्णिया जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने और मेघ गर्जन के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है। विभाग ने चेतावनी दी है कि आंधी के दौरान लोग बिजली के खंभों, ऊंचे पेड़ों और जर्जर इमारतों से दूर रहें।
8-9 अप्रैल को होगी झमाझम बारिश (Bihar Rain Alert)
ट्रफ लाइन के प्रभाव से बिहार में आ रही नमी के कारण अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने के आसार हैं। फिलहाल राज्य का अधिकतम तापमान 32.7 से 38.4 डिग्री के बीच बना हुआ है, जो आने वाले दिनों में और कम होगा। राजधानी पटना के लिए राहत की खबर यह है कि यहाँ 8 और 9 अप्रैल को तेज बारिश होने की संभावना है, जिससे उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी। 10 अप्रैल के बाद ही आसमान पूरी तरह साफ होने की उम्मीद है।
क्यों बदल रहा है बार-बार मौसम? (Bihar Weather Update)
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस उथल-पुथल के पीछे 'लोकल कंवेक्शन' (Local Convection) और प्री-मानसून गतिविधियां मुख्य कारण हैं। अप्रैल में बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं जब पश्चिमी विक्षोभ के साथ मिलती हैं, तो वायुमंडल में अस्थिरता पैदा होती है। दिन की तेज धूप के कारण जमीन गर्म होकर हवा को ऊपर की ओर धकेलती है, जिससे अचानक बादल बनते हैं और दोपहर या शाम के समय तेज आंधी-बारिश शुरू हो जाती है।
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