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Bihar Weather: चक्रवाती तूफान के असर से बदलेगा बिहार का मौसम, कल से आएगी भारी बारिश, IMD अलर्ट

Bihar Weather 26 October बिहार का मौसम: बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान के असर से बिहार में आज रात से मौसम बदलने की संभावना है। 27 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

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दक्षिण बिहार समेत कई जिलों में तेजी से बदलेगा मिजाज

Bihar Weather Today: देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है, और बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ शक्तिशाली वेदर सिस्टम एक भीषण चक्रवाती तूफान का रूप लेने जा रहा है। इस चक्रवात के प्रभाव और पूर्वी हवाओं के मेल से बिहार के मौसम में भी आज रात से बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, हालांकि आज दिन में अधिकांश जिलों में धूप खिलेगी, लेकिन रात होते ही कई इलाकों में बादलों की आवाजाही और हवा का रुख बदल जाएगा।

दक्षिण बिहार समेत इन जिलों में बदलेगा मौसम (Bihar Weather Update)

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, पटना, गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा और जहानाबाद समेत दक्षिण बिहार के कई जिलों में आज रात से तेज हवाएं चल सकती हैं और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी भी दर्ज की जा सकती है। राज्य में 27 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच बारिश की गतिविधियों में व्यापक बढ़ोतरी होने के आसार हैं। इस दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ चुनिंदा जगहों पर भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। गरज-चमक के साथ 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी, साथ ही आकाशीय बिजली गिरने का भी तगड़ा खतरा बना हुआ है।

बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान का विकराल रूप (Cyclone Alert Bay of Bengal)

पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन तेजी से ऊर्जावान हो रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, यह सिस्टम और ताकतवर होकर गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो रहा है। अनुमान है कि यह चक्रवात 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट पर बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तेज चक्रवाती तूफान के रूप में टकरा सकता है। इस दौरान तटीय क्षेत्रों में हवा की गति 115 से 125 किमी/घंटा और हवा के झोंकों की रफ्तार 140 किमी/घंटा तक पहुंचने की आशंका जताई गई है।

जलजमाव और फसलों को नुकसान की आशंका (Cyclone Advisory)

लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण निचले इलाकों में जलजमाव, यातायात बाधित होने और कच्चे मकानों, टिन शेड आदि को आंशिक नुकसान पहुंचने का खतरा है। इसके अलावा वज्रपात से भी जोखिम हो सकता है।किसानों के लिए सलाह है कि मौसम की संभावित खराबी को देखते हुए वे अपनी पकी हुई खरीफ फसलों की कटाई तुरंत कर लें या कटी हुई उपज को सुरक्षित और सूखे स्थानों पर पहुंचा दें। खेतों में जलभराव रोकने के लिए उचित निकासी की व्यवस्था करें तथा फिलहाल सिंचाई और छिड़काव के कार्यों को टाल दें।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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