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पटना: अनंत सिंह बोले- नहीं लड़ूंगा चुनाव, अगर बेटा जनता के काम करेगा तो लड़ेगा

Patna News: बिहार के मोकामा से JDU विधायक सिंह को जमानत पर रिहा कर दिया गया है। सिंह मंगलवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र जाने से पहले, लखीसराय के बड़हिया स्थित महारानी मंदिर जाएंगे।

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पटना: अनंत सिंह बोले- नहीं लड़ूंगा चुनाव, अगर बेटा जनता के काम करेगा तो लड़ेगा

Anant Singh News: मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने कहा कि वे चुनाव नहीं लड़ेंगे। JD (U) विधायक पत्रकारों से बात कर रह थे, इस दौरान उनसे चुनाव लड़ने पर पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा।' जब उनसे पूछा गया कि क्या उनका बेटे चुनाव लड़ेंगे, तो उन्होंने कहा, 'वह जनता के बीच जाएगा। अगर वह काम करेगा, तो चुनाव लड़ेगा।'

बिहार के मोकामा से JDU विधायक सिंह को जमानत पर रिहा कर दिया गया है। बताया गया था कि वह आज मंगलवार को अपने घर पहुंचेंगे। इसके अलावा उन्हें जमानत मिलने पर उनके समर्थकों ने आतिशबाजी और जश्न के साथ उनका स्वागत किया। सिंह मंगलवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र जाने से पहले, लखीसराय के बड़हिया स्थित महारानी मंदिर जाएंगे।

क्यों गए थे जेल?

पटना हाई कोर्ट ने गुरुवार को सिंह को दुलार चंद यादव की हत्या के मामले में जमानत दे दी। यह हत्या पिछले साल बिहार चुनाव प्रचार के दौरान हुई थी। सिंह को 1 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था और उन पर इस हत्या की साजिश रचने का आरोप था।

चुनावों के दौरान जेल में होने के बावजूद, सिंह ने मोकामा में जीत हासिल की और RJD की वीणा सिंह को 28,000 से अधिक वोटों के अंतर से हराया।

दुलारचंद यादव हत्याकांड

दुलारचंद यादव की 30 अक्टूबर, 2025 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस समय वे घोस्वारी पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बसावन चक में जन सुराज पार्टी के एक उम्मीदवार के लिए चुनाव प्रचार कर रहे थे। इस घटना से स्थानीय समुदाय स्तब्ध रह गया।

सिंह, जिन पर इस हत्या की योजना बनाने और उसे अंजाम देने का आरोप था, इनको पुलिस ने 1 नवंबर की रात गिरफ्तार कर लिया। अगले दिन उन्हें अदालत में पेश किया गया और उसके बाद पटना की बेउर जेल भेज दिया गया।

अनंत सिंह कौन हैं?

अनंत सिंह एक भारतीय राजनेता हैं और बिहार विधानसभा (MLA) के एक विवादित सदस्य हैं। वे मोकामा निर्वाचन क्षेत्र से जनता दल यूनाइटेड (JDU) का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे पांच बार विधायक रह चुके हैं और स्थानीय स्तर पर उन्हें छोटे सरकार के नाम से जाना जाता है। सिंह का राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा है, लेकिन हत्या, मारपीट और अवैध हथियार रखने जैसे कई आपराधिक मामलों के कारण उनकी छवि काफी विवादित रही है।

वे 2025 के बिहार चुनावों में निर्वाचित हुए थे और हत्या के एक मामले में हिरासत में रहते हुए भी उन्होंने विधायक पद की शपथ ली थी। हालांकि, पटना उच्च न्यायालय ने हाल ही में उन्हें दुलारचंद यादव हत्याकांड में जमानत दे दी है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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