Bihar Student Protest: बिहार में भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक, लंबित नियुक्तियों और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली के खिलाफ आज छात्र-अभ्यर्थी सड़कों पर उतरेंगे। सरकार और विभिन्न भर्ती आयोगों के खिलाफ यह विशाल विरोध-प्रदर्शन आज सुबह 11 बजे पटना के गांधी मैदान स्थित गेट नंबर-10 से शुरू हो रहा है। इस दौरान छात्र-युवा सरकार और विभिन्न भर्ती आयोगों के सामने अपनी 10 सूत्री मांगें रखेंगे।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में 1799 पदों वाली बिहार पुलिस दरोगा भर्ती की निष्पक्ष जांच कराकर परीक्षा रद्द करने, 70वीं BPSC परीक्षा की उच्चस्तरीय जांच और वर्षों से लंबित भर्ती परीक्षाओं को जल्द आयोजित कराने की मांग शामिल है। इसके अलावा पुलिस रेडियो ऑपरेटर भर्ती में कथित पेपर लीक की जांच और शिक्षक भर्ती के चौथे चरण TRE-4 से नेगेटिव मार्किंग हटाने की मांग भी उठाई जाएगी।
'आश्वासन नहीं, अब ठोस कार्रवाई चाहिए'
छात्र नेताओं का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में विवाद, कथित अनियमितताओं और नियुक्तियों में देरी के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका आरोप है कि लंबे समय से मांग उठाने के बावजूद सरकार और संबंधित आयोगों की ओर से अब तक केवल आश्वासन दिए गए हैं, जबकि मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए गए। अभ्यर्थियों ने अपने विरोध को लेकर नारा दिया है, 'अब आश्वासन नहीं, ठोस जवाब चाहिए। अब अनियमितता नहीं, पारदर्शिता चाहिए। तारीख पर तारीख नहीं, समय पर परीक्षा और नियुक्ति चाहिए।'
दरोगा भर्ती की मेंस परीक्षा रद्द होने से शुरू हुआ विरोध
दरोगा भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन पहले भी सामने आ चुका है। इससे पहले 29 अक्टूबर को 1799 पदों वाली बिहार पुलिस दरोगा भर्ती की मेंस परीक्षा रद्द किए जाने के विरोध में सफल अभ्यर्थियों ने पटना में प्रदर्शन किया था। उन्होंने गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से मार्च शुरू किया था और वे लोक सेवक आवास का घेराव करने जा रहे थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें डाकबंगला पर रोक दिया था।
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले करीब एक महीने से गर्दनीबाग धरना स्थल पर अपनी मांगों को लेकर बैठे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। इसी के बाद अब एक बार फिर बड़े स्तर पर विरोध-प्रदर्शन के लिए आज पटना में छात्र और अभ्यर्थी जुटने वाले हैं।
ये हैं अभ्यर्थियों की 10 प्रमुख मांगें
- बिहार पुलिस दरोगा भर्ती: 1799 पदों वाली भर्ती की निष्पक्ष जांच हो और अनियमितता मिलने पर परीक्षा रद्द की जाए।
- BSSC परीक्षाएं: तीन साल से लंबित भर्ती परीक्षाएं प्राथमिकता पर आयोजित हों और संविदा कर्मियों का वेटेज खत्म किया जाए।
- 70वीं BPSC: परीक्षा की उच्चस्तरीय जांच हो और जांच पूरी होने तक ट्रेनिंग पर रोक लगाई जाए।
- मद्य निषेध परीक्षा: कथित धांधली की जांच और करीब 80 लोगों पर FIR के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर जवाबदेही तय हो।
- TRE-4 भर्ती: CTET Appearing अभ्यर्थियों को TRE-1 की तरह परीक्षा में शामिल होने का मौका मिले।
- पुलिस रेडियो ऑपरेटर भर्ती: कथित पेपर लीक की उच्चस्तरीय जांच हो और आरोप साबित होने पर परीक्षा रद्द की जाए।
- पुलिस चालक भर्ती: 4361 पदों वाली भर्ती में महिलाओं के लिए बची आरक्षित सीटों पर नियमानुसार नियुक्ति हो।
- नेगेटिव मार्किंग: शिक्षक भर्ती के चौथे चरण TRE-4 से नेगेटिव मार्किंग खत्म की जाए।
- परीक्षा में पारदर्शिता: सभी भर्ती आयोगों की परीक्षाओं में OMR की कार्बन कॉपी, प्रश्नपत्र और आधिकारिक उत्तर कुंजी उपलब्ध कराई जाए।
- वार्षिक परीक्षा कैलेंडर: BPSC, BSSC, BPSSC और CSBC समेत सभी भर्ती आयोगों का वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी कर प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
