भारत इस साल अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। 15 अगस्त 1947 को मिली आजादी के बाद से देश लगातार तरक्की की राह पर आगे बढ़ रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर से पहले पूरे जम्मू-कश्मीर में 'हर घर तिरंगा' अभियान को लेकर एक नया उत्साह और देशभक्ति का अनूठा जज्बा देखने को मिल रहा है।
दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड इलाके में बीजेपी महिला विंग की उपाध्यक्ष रुमाइसा रफीक ने 60 फीट ऊंचे खंभे पर शान से तिरंगा फहराया। इस गरिमामय झंडारोहण कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों, समर्थकों और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों ने भाग लिया। इस दौरान पूरा इलाका 'वंदे मातरम' और 'भारत माता की जय' के नारों से गुंजायमान हो उठा।
वर्ष 2026 में भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस (80th Independence Day) मना रहा है। 15 अगस्त 1947 को मिली आजादी के बाद से देश लगातार प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है और यह दिन हर भारतीय के लिए गर्व का प्रतीक है।
बारामूला के ओल्ड टाउन में बदली हवा
कश्मीर में बदलते हालातों की सबसे खूबसूरत तस्वीर बारामूला के ओल्ड टाउन में देखने को मिली। स्वतंत्रता दिवस से पहले भारतीय सेना द्वारा आयोजित एक विशाल तिरंगा रैली में सैकड़ों स्कूली छात्रों, स्थानीय निवासियों और जमात के नेताओं ने हिस्सा लिया। हाथों में तिरंगा लिए जब युवा सड़कों पर निकले, तो पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में रंग गया।
कभी पत्थरबाजी और अलगाववाद की घटनाओं के लिए चर्चा में रहने वाले बारामूला के ओल्ड टाउन में यह बदलाव बेहद खास माना जा रहा है। स्थानीय युवाओं और नागरिकों का कहना है कि साल 2019 के बाद से घाटी का माहौल पूरी तरह बदल चुका है। आज की युवा पीढ़ी सेना और स्थानीय प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर राष्ट्रीय पर्वों का जश्न मना रही है।
घाटी के कोने-कोने में निकाली जा रही ये रैलियां न केवल राष्ट्रीय एकता और आपसी भाईचारे का संदेश दे रही हैं, बल्कि यह भी साफ दर्शा रही हैं कि कश्मीर का हर नागरिक अब विकास और शांति की राह पर आगे बढ़ने को तैयार है।
'हर घर तिरंगा' अभियान कब, क्यों और क्या है टारगेट?
केंद्र सरकार और बीजेपी द्वारा यह अभियान हर साल 9 अगस्त से 15 अगस्त के बीच बड़े पैमाने पर चलाया जाता है। इसकी शुरुआत 2022 में 'आजादी का अमृत महोत्सव' के तहत हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य हर नागरिक के दिल में देशभक्ति की भावना को जगाना और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान बढ़ाना है। इस साल बीजेपी और सरकार का टारगेट देश के 20 करोड़ से अधिक घरों, दुकानों और संस्थानों पर तिरंगा फहराने का है, ताकि कश्मीर से कन्याकुमारी तक एकता का संदेश दिया जा सके।
वंदे मातरम के 150 साल का क्या मतलब है?
राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने 1875 में की थी। इस वर्ष यानी 2025-26 में वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को यादगार बनाने के लिए 'हर घर तिरंगा' अभियान में वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ को भी शामिल किया गया है, ताकि युवा पीढ़ी देश के गौरवशाली इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम के प्रतीकों से गहराई से जुड़ सके।
