Financial Emergency Guide: कई बार जिंदगी में ऐसी परिस्थितियां आ जाती हैं, जब अचानक बड़ी रकम की जरूरत पड़ जाती है। मेडिकल खर्च, नौकरी जाने, घर से जुड़ी कोई जरूरी मरम्मत या किसी दूसरी आपात स्थिति में तुरंत पैसों की जरूरत महसूस हो सकती है। ऐसे समय में सबसे बड़ा सवाल होता है कि जरूरत पूरी करने के लिए कैश, FD या निवेश में से किसका इस्तेमाल पहले किया जाए।
सबसे पहले कैश का करें इस्तेमाल
फाइनेंशियल इमरजेंसी में अगर आपके पास कैश या बैंक अकाउंट में आसानी से उपलब्ध रकम है तो आमतौर पर इसका इस्तेमाल पहले करना बेहतर होता है। इसकी वजह यह है कि इसमें किसी निवेश को तोड़ने या ब्याज का नुकसान उठाने की जरूरत नहीं पड़ती। साथ ही, तुरंत पैसे उपलब्ध होने के कारण इमरजेंसी में समय भी बचता है।
हालांकि, पूरा कैश एक साथ खर्च कर देना भी सही नहीं है। कोशिश करें कि इमरजेंसी के बाद भी कुछ रकम रोजमर्रा के जरूरी खर्चों के लिए बची रहे। इसी वजह से इमरजेंसी फंड बनाना जरूरी माना जाता है।
FD का विकल्प भी आ सकता है काम
अगर उपलब्ध कैश से जरूरत पूरी नहीं होती, तो अगला विकल्प FD (Fixed Deposit) हो सकता है। FD को समय से पहले तोड़ने पर बैंक कुछ पेनल्टी लगा सकता है और आपको तय ब्याज से कम रिटर्न मिल सकता है। इसलिए FD तोड़ने से पहले यह जरूर देखें कि कितनी रकम की जरूरत है और किस FD को तोड़ने पर कम नुकसान होगा। अगर आपकी कई FD हैं, तो पूरी रकम वाली FD तोड़ने के बजाय जरूरत के हिसाब से छोटी FD या ऐसी FD चुनना बेहतर हो सकता है, जिसमें नुकसान कम हो।
निवेश को आखिरी विकल्प रखें
अगर आपके पास म्यूचुअल फंड, शेयर या अन्य निवेश हैं, तो उन्हें केवल इमरजेंसी की स्थिति में और सोच-समझकर निकालना चाहिए। बाजार से जुड़े निवेश को जरूरत के समय बेचने पर संभव है कि उस समय बाजार नीचे हो और आपको नुकसान में निवेश बेचने की मजबूरी पड़े। खासकर लंबे समय के लक्ष्य जैसे रिटायरमेंट या बच्चों की पढ़ाई के लिए किए गए निवेश को छोटी-मोटी जरूरतों के लिए तोड़ना सही रणनीति नहीं मानी जाती। निवेश बेचने से पहले टैक्स, एग्जिट लोड और मौजूदा बाजार स्थिति जैसी चीजों को भी ध्यान में रखना चाहिए।
क्या है सही क्रम?
सामान्य तौर पर फाइनेंशियल इमरजेंसी में पहले आसानी से उपलब्ध कैश, फिर जरूरत के हिसाब से FD और अंत में लंबी अवधि के निवेश का इस्तेमाल करने की रणनीति अपनाई जा सकती है। हालांकि, यह आपकी इमरजेंसी की रकम, कैश फ्लो, FD की शर्तों और निवेश के प्रकार पर निर्भर करता है।
