Delhi Private Schools: दिल्ली में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी और अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर अब सरकार पूरी तरह सख्त मूड में नजर आ रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जरूरत पड़ने पर स्कूलों का टेकओवर भी किया जा सकता है।
दिल्ली सरकार के सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी प्राइवेट स्कूल अपने नोटिस बोर्ड, आधिकारिक वेबसाइट और यदि स्कूल परिसर में स्टोर संचालित होता है तो वहां यह लिखित रूप में प्रदर्शित करें कि अभिभावक किताबें, ड्रेस और स्टेशनरी अपनी पसंद के किसी भी विक्रेता से खरीदने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि किसी भी अभिभावक को किसी एक निर्धारित दुकान से सामान खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।
हालांकि, यदि स्कूल सुविधा के तौर पर कुछ विक्रेताओं के नाम सुझाना चाहता है, तो वह पांच से छह विकल्प दे सकता है, लेकिन इसे अनिवार्य नहीं बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस व्यवस्था को पूरी सख्ती से लागू करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसमें किसी भी तरह की लापरवाही या ढिलाई को गंभीरता से लिया जाएगा।
CM रेखा करेंगी औचक निरीक्षण
रेखा गुप्ता ने अपने सख्त संदेश में यह भी स्पष्ट किया कि उनका औचक निरीक्षण केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि वास्तविक कार्रवाई का हिस्सा है।उन्होंने कहा कि वे खुद किसी भी स्कूल में अचानक पहुंचकर हालात का जायजा ले सकती हैं। यह कदम अभिभावकों से मिल रही शिकायतों और सुझावों के आधार पर उठाया जा रहा है।
CM रेखा ने अभिभावकों से की खास अपील
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे आगे भी अपने सुझाव और शिकायतें साझा करें, ताकि जहां-जहां गड़बड़ियां हों, वहां सीधे कार्रवाई की जा सके। उन्होंने दोहराया कि दिल्ली में शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और गुणवत्तापूर्ण बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
हाल ही में रोहिणी सेक्टर-13 स्थित वेंकटेश्वर ग्लोबल स्कूल में शिक्षा विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। दो दिनों तक चली जांच में पाया गया कि स्कूल बिना वैध फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट के संचालित हो रहा था। इतना ही नहीं, परिसर में चल रहा स्विमिंग पूल भी बिना लाइसेंस के पाया गया, जिसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। जांच के दौरान अन्य खामियां भी उजागर हुईं, जिससे प्रशासन की सख्ती और बढ़ गई है।
सरकार ने साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई किसी एक स्कूल तक सीमित नहीं रहेगी। सभी प्राइवेट और सहायता प्राप्त स्कूलों की कार्यप्रणाली की व्यापक जांच की जा रही है। जहां भी नियमों का उल्लंघन या अनियमितता सामने आएगी, वहां सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
