भोपाल

गजब है ये मामला! भक्त के नॉमिनी बने भगवान, महिला के गुजरते ही खाते में आए लाखों रुपये

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक महिला भक्त ने अपनी बीमा पॉलिसी में महादेव को नॉमिनी बनाया। महिला के निधन के बाद मंदिर प्रबंधन के खाते में लाखों रुपये आ गए।

Image

फाइल फोटो।

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • भक्त ने बीमा पॉलिसी में अचलेश्वर महादेव को नॉमिनी बनाया।
  • पॉलिसी मैच्योर होने के बाद मंदिर प्रबंधन को मिली जानकारी।
  • महिला भक्त माधुरी सक्सेना का वर्ष 2022 में हो चुका है निधन।

मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। ग्वालियर में भगवान अचलनाथ की भक्त माधुरी सक्सेना ने अपनी बीमा पॉलिसी में किसी नजदीकी रिश्तेदार का नाम नहीं दिया था, बल्कि उसने अपने आराध्य (अचलेश्वर महादेव सार्वजनिक न्यास) को नॉमिनी बनाया था। इस अनूठे मामले में भक्त के निधन के बाद बीमा राशि 7 लाख 42 हजार 982 रुपये न्यास के खाते मे आ गए हैं।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, पीपल वाली गली थोराठ की गोठ लोहिया बाजार में रहने वाली माधुरी सक्सेना का निधन 19 मार्च 2022 को हो गया था। उन्होंने 28 मार्च 2017 को बीमा सलाहकार सुषमा बंसल की मदद से पेंशन पॉलिसी ली थी। श्रद्धालु महिला के नजदीकी रिश्तेदार तो कई लोग थे, लेकिन कोई संतान नहीं थी। इसलिए, उन्होंने बीमा पॉलिसी में नॉमिनी के स्थान पर भगवान अचलेश्वर महादेव न्यास अंकित कर भगवान अचलनाथ को अपना नॉमिनी बना दिया।

gawalior

gawalior

खाते में आए लाखों रुपये

माधुरी सक्सेना की मौत के बाद उनकी बीमा सलाहकार सुषमा बंसल ने मंदिर संचालन समिति को जानकारी दी, जिसके बाद मंदिर संचालन समिति ने बीमा राशि के लिए बीमा कंपनी के सामने क्लेम किया। बुधवार की शाम को सात लाख 42 हजार 982 रुपये की राशि न्यास के खाते में ट्रांसफर हो गई। समिति संचालन समिति का कहना है कि इस राशि का उपयोग माधुरी सक्सेना के स्मृति को स्थाई बनाने के लिए किया जाएगा।

Makarand Kale
मकरंद कालेauthor

सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ।\nततो युद्धाय युज्यस्व नैवं पापमवाप्स्यसि\n\nसाल 2008 में by chance journalist बना। 2013 से by choice journalist हूं। कहते हैं ना कि अच्छे काम में पहले बहुत परेशानियां आती हैं। और बाद में उसी की आदत पड़ जाती है।

और पढ़ें
End of Article