मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। ग्वालियर में भगवान अचलनाथ की भक्त माधुरी सक्सेना ने अपनी बीमा पॉलिसी में किसी नजदीकी रिश्तेदार का नाम नहीं दिया था, बल्कि उसने अपने आराध्य (अचलेश्वर महादेव सार्वजनिक न्यास) को नॉमिनी बनाया था। इस अनूठे मामले में भक्त के निधन के बाद बीमा राशि 7 लाख 42 हजार 982 रुपये न्यास के खाते मे आ गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, पीपल वाली गली थोराठ की गोठ लोहिया बाजार में रहने वाली माधुरी सक्सेना का निधन 19 मार्च 2022 को हो गया था। उन्होंने 28 मार्च 2017 को बीमा सलाहकार सुषमा बंसल की मदद से पेंशन पॉलिसी ली थी। श्रद्धालु महिला के नजदीकी रिश्तेदार तो कई लोग थे, लेकिन कोई संतान नहीं थी। इसलिए, उन्होंने बीमा पॉलिसी में नॉमिनी के स्थान पर भगवान अचलेश्वर महादेव न्यास अंकित कर भगवान अचलनाथ को अपना नॉमिनी बना दिया।

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खाते में आए लाखों रुपये
माधुरी सक्सेना की मौत के बाद उनकी बीमा सलाहकार सुषमा बंसल ने मंदिर संचालन समिति को जानकारी दी, जिसके बाद मंदिर संचालन समिति ने बीमा राशि के लिए बीमा कंपनी के सामने क्लेम किया। बुधवार की शाम को सात लाख 42 हजार 982 रुपये की राशि न्यास के खाते में ट्रांसफर हो गई। समिति संचालन समिति का कहना है कि इस राशि का उपयोग माधुरी सक्सेना के स्मृति को स्थाई बनाने के लिए किया जाएगा।
