भोपाल

Nitish Bharadwaj Wife: संकट में TV महाभारत के श्रीकृष्ण, IAS पत्नी की हरकतों से आए आजिज, लगाए ये आरोप

Nitish Bharadwaj complains Against Wife Smita: टीवी सीरियल महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका निभाने वाले नीतीश भारद्वाज ने आईएएस पत्नी स्मिता भारद्वाज पर प्रताड़ित करने की शिकायत दर्ज कराई है।

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नीतीश भारद्वाज और IAS स्मिता

Photo : BCCL

Mahabharat Actor Nitish Bharadwaj complains Against Wife: लोकप्रिय टीवी सीरियल महाभारत के कृष्ण आजकल उलझन में हैं। टीवी से लोगों को गीता का ज्ञान देने वाला कलाकार पारिवारिक संकट से घिर गया है। जी हां, महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका निभाने वाले नीतीश भारद्वाज ने आईएएस पत्नी स्मिता भारद्वाज पर प्रताड़ित करने की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने, आरोप लगाया कि पत्नी उन्हें बच्चों से मिलने नहीं दे रही हैं। लिहाजा, उन्होंने प्रताड़ना की शिकायत पुलिस कमिश्नर भोपाल से की है, जिन्होंने एडीसीपी जोन तीन शालिनी दीक्षित को जांच सौंपी है। इतना ही नहीं इस मसले पर नीतिश ने बुधवार को भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी मुलाकात की।

अपर मुख्य सचिव हैं स्मिता

एडीसीपी ने बताया कि शिकायती पत्र मिलने के बाद इस बारे में सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। नीतीश भारद्वाज की शादी मध्य प्रदेश की आईएएस ऑफिसर स्मिता के साथ हुई थी(Nitish Bharadwaj EX- Wife Smita) ।स्मिता वर्तमान में अपर मुख्य सचिव खाद्य का कार्यभार संभाल रही हैं। उनकी दो जुड़वा बेटियां हैं, जिनकी उम्र साढ़े ग्यारह साल है।

बेटियों से दूर करने का आरोप(Nitish Bharadwaj Aligation on Wife)

बकौल नीतिश पत्नि के अप्रिय व्यवहार और आचरण के कारण वैवाहिक जीवन टूटने की कगार पर है। फिलहाल, मुम्बई कोर्ट में दोनों का केस चल रहा है। आरोप है कि कुछ सालों से उन्होंने नीतीश भारद्वाज को अपनी बेटियों से मिलने और उनके साथ समय बिताने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है। नीतिश बेटियों से न मिल सकें इसलिए बार-बार स्कूल बदला गया।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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