MP Patwari Pariksha: मध्य प्रदेश में पटवारी भर्ती परीक्षा के जरिए होने वाली नियुक्तियां फिलहाल होल्ड पर डाल दी गई हैं। गुरुवार (13 जुलाई, 2023) को इस बड़े फैसले से जुड़ी जानकारी खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दी। उन्होंने देर शाम माइक्रो ब्लॉगिंग मंच टि्वटर पर इस बाबत ट्वीट किया।
उन्होंने बताया, "कर्मचारी चयन मंडल की ओर से समूह-2, उप समूह-4 और पटवारी भर्ती परीक्षा के परीक्षा परिणाम में एक सेंटर के परिणाम पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है। इस परीक्षा के आधार पर की जाने वाली नियुक्तियां अभी रोक रहा हूं। सेन्टर के परिणाम का पुनः परीक्षण किया जाएगा।"
मार्च-अप्रैल 2023 में समूह-2 समूह-4 और पटवारी पद के लिए संयुक्त भर्ती परीक्षा हुई थी। 30 जून, 2023 को इसके परिणाम और 8617 पदों के लिए मेरिट लिस्ट जारी की गई थी। हालांकि, इसके बाद सोशल मीडिया पर और मंडल के आधिकारिक ई-मेल पर कुछ बिंदुओं पर शिकायतें दी गईं।

shivraj singh chauhan
गुरुवार को इंदौर कलेक्ट्रेट के बाहर सैकड़ों छात्रों ने इस मसले को लेकर हंगामा किया और इस दौरान सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की। उन्होंने इसके अलावा चेताया कि अगर कथित पटवारी भर्ती में फर्जीवाड़े की सीबीआई जांच नहीं हुई तब अगली बार वह सीएम आवास का घेराव करेंगे।
वैसे, विवाद तब हुआ जब बीजेपी के एमएलए संजीव सिंह कुशवाहा (भिंड से) के परीक्षा केंद्र (एनआरआई कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट का संचालन करते हैं) से 114 अभ्यर्थियों का सेलेक्शन हुआ और शीर्ष 10 में सात परीक्षार्थी इसी केंद्र से ताल्लुक रखने वाले थे। शक तब और गहराया जब इन टॉपर्स के मार्क्स लगभग एक जैसे थे।
यह पूरा घटनाक्रम तब बेहद गर्माया है, जब आने वाले समय में सूबे के विधानसभा चुनाव होने हैं और इस लिहाज से कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल सूबे में सत्तारूढ़ भाजपा को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहती हैं। यही वजह है कि कांग्रेस ने इस बड़ा मुद्दा बनाने का प्रयास किया। हालांकि, बीजेपी ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
समूह-2 समूह-4 और पटवारी पद के लिए संयुक्त भर्ती परीक्षा दिनांक 15.03.2023 से 26.04.2023 तक आयोजित की गई थी, जिसमें 1279063 अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र जारी किए गए थे और 978270 अभ्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए थे।
