बिजली कटौती को लेकर ऊर्जा मंत्री ने दिए आदेश
MP News: मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बार-बार बिजली गुल होने और अघोषित कटौती के कारण बिजली कंपनी के अधिकारियों पर नाराजगी जताई है। मंगलवार को एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि जो अपनी जिम्मेदारियों को नहीं निभा रहे हैं, उन्हें हटाया जाएगा। उन्होंने मानसून से पहले बिजली ट्रिपिंग की समस्या पर सवाल उठाया और सीएम हेल्पलाइन पर आई शिकायतों, मेंटेनेंस और फॉल्ट्स को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
बैठक में 15 अधिकारियों की सैलरी हाइक रोकने के आदेश भी दिए गए, जिन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। तोमर ने कहा कि सभी अधिकारियों को फील्ड में जाकर काम की स्थिति का निरीक्षण करना चाहिए, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने मेंटेनेंस का समय 4 घंटे से कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि जिन शिकायतों का समाधान 3 से 4 घंटे में किया गया है, उनकी पूरी जानकारी प्रस्तुत की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई बड़ी घटना नहीं हुई है, तो शिकायतों का समाधान शीघ्रता से किया जाना चाहिए।
ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने बताया कि तीनों वितरण कंपनियों को मेंटेनेंस के लिए 15-15 करोड़ रुपए दिए गए हैं, और इनका सही उपयोग सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। ताकि बिजली ट्रिपिंग की समस्या कम हो सके और लोगों को आवश्यक बिजली की आपूर्ति हो सके। बिजली की अघोषित कटौती और अन्य समस्या का समाधान भी हो सके।