भोपाल

भोपाल में आज इन रास्तों का न करें इस्तेमाल, मोहर्रम जुलूस के चलते ट्रैफिक रहेगा डायवर्ट

6 जुलाई को मोहर्रम के प्रमुख जुलूस के मद्देनजर पुराने शहर में यातायात व्यवस्था में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए हैं। शनिवार को दोपहर 1 बजे से वीआईपी रोड सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों में ट्रैफिक का दबाव बढ़ने की संभावना है। पुलिस ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे...

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(फाइल फोटो)

भोपाल : 6 जुलाई को मोहर्रम के मुख्य जुलूस के मद्देनजर, भोपाल के पुराने शहर में यातायात व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। शनिवार दोपहर 1 बजे से, वीआईपी रोड सहित कई क्षेत्रों में यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। जुलूस दोपहर 12 बजे इमामीगेट से शुरू होकर पीरगेट, भवानी चौक, रॉयल मार्केट, हमीदिया अस्पताल, कोहेफिजा तिराहा होते हुए करबला तक जाएगा। कुछ ताजिए वीआईपी रोड से गिन्नौरी की ओर बढ़ेंगे।

इस दौरान रॉयल मार्केट, शहजादाबाद, कोहेफिजा जैसे क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात रहेगा। कुछ मार्गों पर भारी वाहनों, मालवाहक और व्यवसायिक वाहनों का आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा, जिसमें भारत टॉकीज, अल्पना तिराहा, नादरा बस स्टैंड, भोपाल टॉकीज, शहजादाबाद, रॉयल मार्केट, कोहेफिजा तिराहा और करबला शामिल हैं।

कहां रहेगा डायवर्जन

इंदौर, उज्जैन, राजगढ़ और ब्यावरा से आने-जाने वाली बसें हलालपुर बस स्टैंड पर समाप्त होंगी। रॉयल मार्केट-शहजादाबाद मार्ग पर सिटी बसें लालघाटी से कोहेफिजा और बस स्टैंड मार्ग से डायवर्ट रहेंगी। एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की गई है, जिसमें प्रभात चौराहा, जेके रोड, अयोध्या बायपास, भानपुर, करोंद, नई जेल और गांधी नगर तिराहा शामिल हैं। किसी भी असुविधा के लिए यातायात कंट्रोल रूम के नंबर 0755-2677340, 2443850 पर संपर्क किया जा सकता है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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