भोपाल

आधे कपड़ों में ही बिजली कर्मचारियों के पीछे भागी महिला...वीडियो वायरल होने के बाद दो कर्मचारी बर्खास्त

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 26, 2023, 03:11 PM IST

बिजली विभाग के कर्मचारी महिला के घर पर पहुंचे और एक लोडर पर घर का सामान उठाकर जाने लगे। इस दौरान महिला नहा रही थी, जब उसे इस बात की भनक लगी, तो वह आधे कपड़ों में ही उनके पीछे भागी।

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महिला से अमर्यादित व्यवहार पर बिजली कर्मचारियों पर कार्रवाई (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Photo : BCCL

MP Sagar News: मध्य प्रदेश के सागर जिले से ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे बिजली विभाग को शर्मसार कर दिया है। यहां बिजली बिल जमा न करने पर कुर्की करने पहुंचे कर्मचारियों ने नहा रही बुजुर्ग महिला के साथ अमर्यादित व्यवहार किया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद विभाग के दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है तो दो अन्य की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।

जानकारी के मुताबिक, सागर जिले के देवरी के कौशल किशोर वार्ड में रहने वाली एक महिला पर 19 हजार का बिल बकाया था। विभाग की ओर से कई बार महिला को बिल जमा करने का नोटिस दिया गया था। जब बिल जमा नहीं हुआ तो विभाग की ओर से कुर्की की कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

घर का सामान लेकर जाने लगे विभाग के कर्मचारी

घटना वाले दिन बिजली विभाग के कर्मचारी महिला के घर पर पहुंचे और एक लोडर पर घर का सामान उठाकर जाने लगे। इस दौरान महिला नहा रही थी, जब उसे इस बात की भनक लगी, तो वह आधे कपड़ों में ही उनके पीछे भागी। इसके बावजूद, कर्मचारी नहीं रुके। हालांकि, जब महिला इसी अवस्था में सड़क पर पहुंच गई, जब कर्मचारी सामान छोड़कर वहां से भाग गए।

घटना का वीडियो हुआ वायरल

इस पूरी घटना का वीडियो भी वायरल हो गया, जिसके बाद विभाग की काफी किरकिरी हुई। मामला सामने आने के बाद जिला कलेक्टर दीपक आर्य ने कर्मचारियों पर कार्रवाई की। इसके अलावा आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ देवरी थाने में मामला भी दर्ज किया गया है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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