भोपाल

MP: विदिशा में स्कूल कैंपस में बना मजार जैसा स्ट्रक्चर, प्रिंसिपल सस्पेंड

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 7, 2022, 03:39 PM IST

Madhya Prdesh: इस पूरे मामले पर मध्य प्रदेश के शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि प्रथम दृष्टया अगर किसी स्कूल कैंपस में कोई निर्माण होता है तो संस्था के प्रमुख के रूप में प्रिंसिपल या प्रिंसिपल इन चार्ज इसके लिए जिम्मेदार हैं। और इसलिए इस मामले में हमने उन्हें निलंबित कर दिया है।

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मध्य प्रदेश के शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार।

Photo : ANI
KEY HIGHLIGHTS
  1. विदिशा में स्कूल कैंपस में बना मजार जैसा स्ट्रक्चर
  2. शिक्षा मंत्री ने मामले में जांच के दिए आदेश
  3. स्कूल के प्रिंसिपल को किया गया सस्पेंड

Madhya Prdesh: मध्य प्रदेश के विदिशा (Vidisha) में स्कूल कैंपस के अंदर मजार (Mazar) जैसा स्ट्रक्चर बनने की रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया गया है। दरअसल विदिशा के एक स्कूल में कथित तौर पर मजार जैसा प्लेटफॉर्म बनाने की खबरें आई थीं, जिसके बाद ये कार्रवाई की गई है। स्कूल के प्रिंसिपल ने स्कूल कैंपस (School Campus) में देवी सरस्वती की मूर्ति की अनुमति देने से इनकार कर दिया था और बच्चों को राष्ट्रगान और गीत गाने से रोका।

वहीं इस पूरे मामले पर मध्य प्रदेश के शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि प्रथम दृष्टया अगर किसी स्कूल कैंपस में कोई निर्माण होता है तो संस्था के प्रमुख के रूप में प्रिंसिपल या प्रिंसिपल इन चार्ज इसके लिए जिम्मेदार हैं। और इसलिए इस मामले में हमने उन्हें निलंबित कर दिया है।

शिक्षा मंत्री ने मामले में जांच के दिए आदेश

साथ ही शिक्षा मंत्री परमार ने आगे बताया कि मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं। शुरुआती जांच के मुताबिक मजार जैसा स्ट्रक्चर वाला एक प्लेटफॉर्म है। ये पूरी तरह से मजार जैसा नहीं दिखता है। फिर भी स्कूल कैंपस में इसे रखने की कोई आवश्यकता नहीं थी, इसलिए हमने इस मामले में जांच का आदेश दिया है।

वहीं छात्रों को राष्ट्रगान और गीत गाने से रोकने पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि मामले में हम एक टीम का गठन कर रहे हैं। टीम छात्रों के बयान भी दर्ज करेगी, उसके बाद ही हम किसी निष्कर्ष पर पहुंचेंगे। प्रिंसिपल के निलंबन का आदेश गुरुवार को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो के स्कूल के दौरे के बाद जारी किया गया था।

दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

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